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“शोषण के खिलाफ आवाज उठाओ, स्वयं अपने रक्षक बनो”: कानूनी जागरूकता शिविरों में छात्र-छात्राओं को दिया संदेश

केकड़ी, 18 अगस्त (आदित्य न्यूज नेटवर्क): राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अजमेर के निर्देशानुसार राज्य स्तरीय अभियान ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे(Transformative Tuesday) के तहत विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। यह आयोजन “शोषण के खिलाफ आवाज उठाओ, स्वयं अपने रक्षक बनो। अच्छा स्पर्श, बुरा स्पर्श, फर्क समझों, सुरक्षित रहो।” थीम पर तालुका विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में संपन्न हुआ। अभियान के तहत न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को जागरूक किया। द वाइब्रेंट अकादमी में तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष व अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश (संख्या-02) प्रवीण कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को अच्छा स्पर्श-बुरा स्पर्श (Good Touch Bad Touch) तथा इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।

केकड़ी: नाईखेड़ा विद्यालय में बच्चों को कानूनी प्रावधानों से अवगत कराती एडीजे जयमाला पानीगर।

यहां भी हुए आयोजन: रा.उ.मा.वि. नाईखेडा में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश (संख्या-01) जयमाला पानीगर ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि यह बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद सख्त कानून है, लेकिन इसकी जानकारी होना आवश्यक है। रा.उ.मा.वि. भराई में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (संख्या-01) आशीष बैंदाड़ा ने विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया। रा.उ.मा.वि. निमोद में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (संख्या-02) बीना मीना ने विधिक प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। रा.उ.मा.वि. कालेडा कृष्ण गोपाल में सिविल न्यायाधीश व न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद शारिक ने बच्चों को सुरक्षित रहने के उपाय व कानूनी सहायता की जानकारी दी। शिविरों के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ बिना डरे आवाज उठाने और सजग रहने का संदेश दिया।

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