केकड़ी, 19 अगस्त (आदित्य न्यूज नेटवर्क): 23वें तीर्थंकर भगवान श्री पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव आर्यिका सुरम्यमति माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। प्रातः श्री नेमिनाथ मंदिर में जिनाभिषेक, शांतिधारा व जिनेन्द्र अर्चना के बाद भगवान पार्श्वनाथ को निर्वाण मोदक चढ़ाया गया, जिसका पुण्यार्जन महावीर प्रसाद, सुनील कुमार, अनिल कुमार, संजय कुमार व पाक्षिक मित्तल ने किया। ओम प्रकाश, दीपक कुमार व ज्योति कुमार मित्तल मालेड़ा परिवार को शांतिधारा का सौभाग्य मिला। इसके पश्चात बैंड-बाजे व जुलूस के साथ आर्यिका ससंघ श्री आदिनाथ मंदिर पहुंचे, जहां मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया गया। तत्पश्चात जुलूस के रूप में श्री पार्श्वनाथ मंदिर पहुंचकर संगीत की मधुर धुनों के बीच श्री पार्श्वनाथ विधान आयोजित हुआ।

संतोष से होती सुख की प्राप्ति: धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका सुरम्यमति माताजी ने कहा कि श्रद्धा व विश्वास से किए गए धार्मिक कार्यों से कर्म बंधनों व कष्टों से मुक्ति मिलती है। जीवन में संतोष धारण करने से सुख प्राप्त होता है, जबकि लोभ व तृष्णा दुख की ओर ले जाते हैं। अपराह्न में दिगंबर जैन महिला समिति के तत्वावधान में जैन पाठशाला के बच्चों के लिए धार्मिक प्रतियोगिता आयोजित की गई। वहीं संध्या समय शांतिनाथ बहू मंडल द्वारा ‘कमठ का उपसर्ग‘ नाटक का जीवंत मंचन किया गया। मीडिया प्रभारी रमेश बंसल ने बताया कि प्रतिदिन आर्यिका माताजी के प्रवचन व आनंद यात्रा का आयोजन सापणदा रोड स्थित धर्म सभा पंडाल में होगा।


