केकड़ी, 24 सितंबर (आदित्य न्यूज नेटवर्क): आचार्य सुंदर सागर महाराज की सुशिष्या आर्यिका सुरम्यमति माताजी ने कहा कि किंचित मात्र भी परिग्रह का न होना अकिंचन्य है। परिग्रह की अंतरंग में भी इच्छा न रहे, यह आत्मा का स्वभाव है। चौदह प्रकार के परिग्रह के त्यागी मुनिराज ही उत्तम आकिंचन्य धर्म के सच्चे धारी होते हैं। दुःख का मूल ममता व सुख का मूल समता भाव है। समता भाव की प्राप्ति के लिए परिग्रह का त्याग अत्यंत आवश्यक है। वे बोहरा कॉलोनी स्थित नेमीनाथ मंदिर में दसलक्षण पर्व के नवें दिन उत्तम अकिंचन धर्म पर प्रवचन कर रही थी। उन्होंने कहा कि मन, वचन व काय की कलुषता से दूर रहना ही आकिंचन्य है। अशुभ प्रवृत्तियों से आत्मा में विषय-कषाय रूपी गंदगी भर जाती है, जिसे सच्चे प्रायश्चित व आत्म-शुद्धि द्वारा दूर किया जा सकता है। प्रातःकाल आर्यिका संघ के सानिध्य में जिनाभिषेक, शांतिधारा व जिनेंद्र अर्चना सहित दैनिक धार्मिक क्रियाएं संपन्न हुईं।

जिनालय में धार्मिक अनुष्ठानों की रही धूम: मीडिया प्रभारी रमेश बंसल व पारस जैन ने बताया कि आचार्य श्री के चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन व शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य सौधर्म इंद्र बने सिंहल बघेरा परिवार (श्रीमती कांता देवी, अशोक कुमार, ज्ञानचंद, अवनीश, संजय व हिमांशु सिंहल) ने प्राप्त किया। बाल ब्रह्मचारी कनक दीदी व पंडित निकेत शास्त्री के निर्देशन में सुमधुर संगीत व साज-बाज के साथ श्रावक-श्राविकाओं द्वारा अर्घ्य समर्पित किए गए। शांतिधारा करने का सौभाग्य ओम प्रकाश, गोविंद कुमार, योगेश कुमार, अंकुर, अभिषेक सिंहल (सदारा) तथा चौथमल, रामनिवास, मनीष, लोकेश (गुलगांव) परिवार को प्राप्त हुआ। अपरान्ह में आर्यिका माताजी द्वारा आचार्य गृद्धपिच्छ स्वामी विरचित तत्त्वार्थ सूत्र का स्वाध्याय व श्रद्धालुओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

दशलक्षण की महिमा नाटिका का मंचन: दिलीप जैन के अनुसार संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्री नेमिनाथ बालिका मंडल के तत्वावधान में समाज की बेटियों द्वारा ‘‘दशलक्षण की महिमा’’ नाटिका का जीवंत मंचन किया गया, जिसमें जैन धर्म के 10 दिनों के दसों धर्मों का सुंदर वर्णन प्रस्तुत किया गया। मंच संचालन सुदीक्षा जैन व कुमारी कटारिया ने किया। आयोजन में चेल्सी जैन ने विशेष सहयोग किया। शाम को संगीतमय आरती व भक्ति आनंद यात्रा संपन्न हुई। इस दौरान नवनिर्वाचित पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल, पार्षद इंदु मित्तल व आशाराम वैष्णव ने आर्यिका माताजी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अनंत चतुर्दशी पर्व के अवसर पर क्षेत्र के सभी जिनालयों में विशेष शांतिधारा, कलशाभिषेक व धार्मिक आयोजनों की व्यापक तैयारियां की गई हैं।


