केकड़ी, 11 फरवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): दुकान के स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों का दुरूपयोग कर फर्जी फर्म बनाने व उसके जरिए साइबर ठगी करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना व षड्यंत्र की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिजयनगर निवासी वली अव्वल अकदस खान मंसूरी पुत्र शहजाद अहमद मंसूरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके पिता ने लगभग चार साल पहले आनन्द प्लाजा द्वितीय (महाकाल कॉम्पलेक्स) राव अमरसिंह स्कूल के पास केकड़ी जिला-अजमेर राज. में 9, 10 व 11 नंबर की तीन दुकानें उसके नाम से भागचन्द साहू पुत्र गोपाल साहू जाति तेली निवासी जयपुर रोड केकड़ी एवं सांवरिया साहू पुत्र मोहनलाल साहू जाति तेली निवासी अजमेरी गेट पेच की गली केकड़ी से क्रय की थी। उसके पिता का देहान्त दिनांक 21 मई 2024 को हो चुका है।

कैसे रची ठगी की साजिश: खाण्डरा जडाना (सरवाड़) निवासी राजूलाल पुत्र किशनलाल खारोल ने अपने साथियों के साथ मिलकर प्रार्थी की दुकान की रजिस्ट्री की फोटोकॉपी का अवैध रूप से उपयोग किया तथा इस रजिस्ट्री के आधार पर आरोपी ने बिना उसकी जानकारी के ‘पल्स ट्रेडिंग कंपनी‘ (Pulse Trading Company) के नाम से एक फर्म खड़ी की। आरोपी ने दुकान के पते पर फर्जी जीएसटी नंबर प्राप्त किया व इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक में खाता खुलवा लिया। आरोपी ने इस फर्जी खाते व फर्म का उपयोग देश भर में लोगों के साथ साइबर ठगी करने के लिए ‘ट्रांजैक्शन गेटवे‘ के रूप में किया। प्रार्थी ने रिपोर्ट में बताया कि उसने अपनी दुकान कभी किसी को किराए पर नहीं दी तथा न ही वह उक्त आरोपी को जानता है।

अयोध्या पुलिस के नोटिस से हुआ खुलासा: इस फर्जीवाड़े का पता तब चला जब उत्तर प्रदेश की जनपद अयोध्या साइबर पुलिस ने प्रार्थी की दुकान संख्या 9 पर धारा 179 BNSS का नोटिस चस्पा किया। जांच में सामने आया कि आरोपी राजूलाल ने इस खाते के जरिए बड़े पैमाने पर ठगी की है, जिसके कारण अयोध्या में मुकदमा दर्ज है। यूपीएससी की तैयारी कर रहे पीड़ित वली अव्वल अकदस खान ने रिपोर्ट में बताया कि उसका इस फर्म या आरोपी से कोई लेना-देना नहीं है। आरोपियों ने जानबूझकर षड्यंत्र रचा ताकि कानूनी कार्रवाई की आंच असली अपराधियों के बजाय दुकान मालिक पर आए। शहर थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

