Tuesday, February 17, 2026
Homeशासन प्रशासनफिल्टर प्लांट के लीकेज से बर्बाद हुई फसल, किसानों ने लगाया धमकाने...

फिल्टर प्लांट के लीकेज से बर्बाद हुई फसल, किसानों ने लगाया धमकाने का आरोप तो ठेकेदार ने की मारपीट की शिकायत

केकड़ी, 17 फरवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): बघेरा रोड स्थित बीसलपुर फिल्टर  प्लांट में कथित लापरवाही के चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। किसानों का आरोप है कि प्लांट से पानी की लीकेज के कारण आसपास के खेतों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे खड़ी फसलें चौपट हो गईं। प्रभावित किसानों ने ठेकेदार के खिलाफ रोष जताते हुए बताया कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से बार-बार लीकेज की घटनाएं सामने आती रही हैं। किसानों ने बताया कि कई बार शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि कुछ किसान तो नुकसान के डर से अब खेती तक नहीं कर पा रहे, जबकि जो किसान जोखिम उठाकर फसल बोते हैं, उनके खेतों में लीकेज का पानी भर जाने से फसलें बर्बाद हो जाती हैं।

केकड़ी: मेवदा रोड स्थित खेतों में भरा पानी।

किसानों ने लगाया धमकाने का आरोप: किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर ठेकेदार पक्ष की ओर से उन्हें धमकाया जाता है तथा झूठे मुकदमों का डर दिखाया जाता है। किसानों ने बताया कि गत रात्रि फिल्टर प्लांट से भारी मात्रा में पानी निकलकर खेतों में पहुंच गया, जिससे फसलें पूरी तरह खराब हो गईं। किसानों का दावा है कि सोमवार रात्रि को ही ठेकेदार को पानी खेतों में पहुंचने की सूचना दी गई थी, लेकिन कर्मचारियों ने पानी बंद करने का आश्वासन देने के बावजूद वाल्व खुला रखा, जिसके कारण स्थिति और बिगड़ गई। मंगलवार सुबह दोबारा शिकायत करने पर कथित रूप से विवाद की स्थिति बन गई।

केकड़ी: कथित मारपीट के विरोध में धरने पर बैठे फिल्टर प्लांट के कार्मिक।

ठेकेदार ने मारपीट का लगाया आरोप: मामले में फिल्टर प्लांट के ठेकेदार कार्तिक भट्ट ने किसानों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पानी की सफाई प्रक्रिया के दौरान कई बार अतिरिक्त दूषित पानी बाहर निकालना पड़ता है। उनके अनुसार दीवार के क्षतिग्रस्त होने के कारण रात्रि में पानी खेतों की ओर फैल गया। ठेकेदार का आरोप है कि शिकायत के निस्तारण के लिए पहुंचे कर्मचारियों के साथ किसानों ने बदसलूकी की और कर्मचारी गोपाल सिंह रावत के साथ मारपीट की। ठेकेदार ने बताया कि पूर्व में भी किसानों की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है, लेकिन इस बार पानी में गंदगी अधिक होने के कारण स्टोरेज क्षेत्र में निकासी की गई थी।

मुआवजा दिलाने के दिए निर्देश: इसी दौरान अचानक लीकेज की स्थिति बनी। घटना के बाद कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है और वे फिल्टर प्लांट परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं इस संबंध में बीसलपुर परियोजना के एईएन अशोक साहू ने बताया कि किसानों की शिकायत प्राप्त हुई है। ठेकेदार को किसानों को मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कर्मचारियों के साथ मारपीट की शिकायत भी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के बजाय मारपीट जैसी घटनाएं उचित नहीं है।

RELATED ARTICLES