केकड़ी, 23 सितंबर (आदित्य न्यूज नेटवर्क): नगर पालिका परिसर में स्थित विधायक जनसुनवाई केन्द्र का ताला खुलवाने की मांग को लेकर मंगलवार शाम शुरू हुआ कांग्रेस का धरना बुधवार अपराह्न समाप्त हो गया। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता डॉ. रघु शर्मा के नेतृत्व में नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष अनिल मित्तल, उपाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, कांग्रेस पार्षदों एवं कार्यकर्ताओं ने आंदोलन किया। कांग्रेस ने जनसुनवाई केन्द्र के लिए उपयोग किए जा रहे कक्ष को नगर पालिका अध्यक्ष का चैंबर बताते हुए उसे खाली कराने और ताला खुलवाने की मांग उठाई। बुधवार को दिनभर चले घटनाक्रम के बाद प्रशासन को मामले के समाधान के लिए सात दिन की मोहलत दी गई। निर्धारित अवधि में समाधान नहीं होने पर कांग्रेस ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी है।

सुबह बाजार बंद, बाद में खुलीं दुकानें: नवनिर्वाचित पालिका अध्यक्ष अनिल मित्तल ने जनसुनवाई केन्द्र का ताला नहीं खोले जाने के विरोध में बुधवार को केकड़ी बंद का आह्वान किया था। सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के विभिन्न बाजारों में घूमकर व्यापारियों से प्रतिष्ठान बंद रखने का आग्रह किया। इसके चलते कुछ समय के लिए बाजार में कई दुकानों के शटर गिरे नजर आए। हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बाजार से निकलने के बाद अनेक दुकानें दोबारा खुल गईं। इससे बंद का शहर में मिला-जुला असर देखने को मिला और कुछ समय बाद बाजार की गतिविधियां सामान्य हो गईं।

गांवों से भी पहुंचे समर्थक: कांग्रेस के आंदोलन को समर्थन देने के लिए केकड़ी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से लोग नगर पालिका परिसर पहुंचे। ग्रामीणों एवं कांग्रेस समर्थकों की संख्या बढ़ने से धरना स्थल पर भीड़ बनी रही। कांग्रेस नेताओं ने जनसुनवाई केन्द्र का ताला खुलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। धरने के समर्थन में अजमेर डेयरी अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता रामचन्द्र चौधरी भी केकड़ी पहुंचे। उन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से बातचीत की और आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह शक्तावत, नगर कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत जैन, पूर्व प्रधान सीमा चौधरी सहित कांग्रेस के निर्वाचित पार्षद, पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

विकास चौधरी ने तुड़वाया अनशन: बुधवार दोपहर बाद देहात कांग्रेस जिला अध्यक्ष एवं किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी केकड़ी पहुंचे। उन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान चौधरी ने भाजपा विधायक सहित राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए जनसुनवाई केन्द्र को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। दिनभर चले घटनाक्रम के बाद प्रशासन को मामले के समाधान के लिए सात दिन की मोहलत दिए जाने पर कांग्रेस ने फिलहाल धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद डॉ. रघु शर्मा एवं विकास चौधरी ने नवनिर्वाचित पालिका अध्यक्ष अनिल मित्तल को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त करवाया। धरना समाप्त होने के साथ ही कांग्रेस ने आंदोलन को फिलहाल विराम दे दिया है। हालांकि सात दिन की समय-सीमा पूरी होने के बाद प्रशासन की कार्रवाई पर आगे की राजनीतिक दिशा तय होने की संभावना है।

नए बोर्ड के गठन के बाद पहला बड़ा राजनीतिक विवाद: नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस के अनिल मित्तल के अध्यक्ष निर्वाचित होने और आरएलपी के राजेंद्र चौधरी के उपाध्यक्ष बनने के बाद जनसुनवाई केन्द्र का मुद्दा नए बोर्ड के सामने पहला बड़ा राजनीतिक विवाद बनकर सामने आया है। नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस को 20, भाजपा को 18 और आरएलपी को 2 सीटें मिली थीं। अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव के बाद नगर पालिका परिसर स्थित विधायक जनसुनवाई केन्द्र को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव की स्थिति बनी है। कांग्रेस का कहना है कि जनसुनवाई केन्द्र के लिए इस्तेमाल किया जा रहा कक्ष नगर पालिका अध्यक्ष का चैंबर है और उस पर ताला लगा हुआ है। वहीं, भाजपा विधायक शत्रुघ्न गौतम की ओर से इस कक्ष के भवन एवं उसके पूर्व उपयोग को लेकर अलग पक्ष रखा गया है।

