केकड़ी, 13 अप्रैल (आदित्य न्यूज नेटवर्क): अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि व साहित्यकार डॉ. कैलाश मण्डेला को इस वर्ष का राष्ट्रीय स्तर का ‘श्री सुरेन्द्र दुबे स्मृति गीत रत्न सम्मान‘ प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान विश्वविख्यात हास्य कवि स्व. सुरेन्द्र दुबे की स्मृति में प्रतिवर्ष हिन्दी व राजस्थानी भाषा के उत्कृष्ट रचनाकारों को दिया जाता है। श्री सुरेन्द्र दुबे स्मृति संस्थान के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश दुबे ने बताया कि सम्मान समारोह एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन 17 अप्रैल को पुष्कर स्थित गायत्री मणिवेदिक शक्तिपीठ पर होगा। यह कार्यक्रम स्वामी प्रखर महाराज के सानिध्य में चल रहे 43 दिवसीय गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ के अंतर्गत रात्रि 8 बजे से प्रारंभ होगा।

सम्मान में भेंट की जाएगी 1,11,111 की राशि: इस प्रतिष्ठित सम्मान के तहत डॉ. मण्डेला को एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपए की नकद राशि, प्रतीक चिन्ह व सम्मान पत्र भेंट किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि देश भर में किसी कवि की स्मृति में व्यक्तिगत संस्थान द्वारा दिया जाने वाला यह सबसे गरिमामय पुरस्कार माना जाता है। डॉ. मण्डेला राजस्थान के पहले कवि हैं जिन्हें इस राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जा रहा है। शाहपुरा (राजस्थान) निवासी डॉ. कैलाश मण्डेला विगत 40 वर्षों से काव्य जगत में सक्रिय हैं। वे केंद्रीय साहित्य अकादमी से पुरस्कृत होने के साथ-साथ अब तक 8 पुस्तकें लिख चुके हैं। उन्होंने 1000 से अधिक कवि सम्मेलनों व टीवी शो में अपनी प्रस्तुतियां दी हैं। 3000 से अधिक दोहों व विभिन्न विधाओं में उनका सृजन शोध का विषय रहा है।

दिग्गज कवियों की सूची में शामिल हुए मण्डेला: स्व. सुरेन्द्र दुबे की स्मृति में दिए जाने वाले इस सम्मान से अब तक पद्मश्री सुरेन्द्र शर्मा, संतोष आनंद, पद्मश्री अशोक चक्रधर, डॉ. कीर्ति काले, सत्यनारायण सत्तन, हरिओम पंवार व डॉ. विष्णु सक्सेना जैसी दिग्गज विभूतियों को सम्मानित किया जा चुका है। संस्थान के सचिव डॉ. अविनाश दुबे व चयन समिति सदस्य डॉ. कीर्ति काले ने बताया कि पुष्कर में चल रहे ऐतिहासिक महायज्ञ में, जहां 2000 विद्वान पंडित आहुतियां दे रहे हैं, वहां कविता का रसास्वादन श्रोताओं में नवीन ऊर्जा भरेगा। इस आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित कई राजनेता व धर्मगुरू यज्ञशाला की प्रदक्षिणा कर चुके है। समारोह को भव्य रूप देने के लिए तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं।

