केकड़ी, 08 अप्रैल (आदित्य न्यूज नेटवर्क): केकड़ी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि व बेमौसम बरसात ने किसानों की कमर तोड़ दी है। बुधवार को भारतीय किसान संघ जिला इकाई द्वारा संभाग अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद शर्मा (मिश्र) के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी दीपांशु सांगवान को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में खड़ी व काटी गई फसलों में हुए भारी नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने व पिछले वर्षों के बकाया भुगतान को तत्काल जारी करने की मांग की गई है।

फसलों में 45 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान: संभाग अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद शर्मा ने बताया कि हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र के किसानों को दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है। खेतों में खड़ी फसल के साथ-साथ काटकर रखी गई फसलों में औसत 40 से 45 प्रतिशत तक खराबा हुआ है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की गई है कि विशेष गिरदावरी करवाकर पीड़ित किसानों को जल्द राहत प्रदान की जाए।

वर्ष 2022 से लंबित है आदान अनुदान का भुगतान: भारतीय किसान संघ ने बकाया भुगतान के मामले में भी कड़ा रोष जताया है। ज्ञापन में बताया गया कि कई किसानों को खरीफ 2022 व 2024 के फसल खराबा का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है तथा खरीफ 2025 के संपूर्ण फसल खराबे का आदान अनुदान केवल कुछ ही लोगों तक पहुंच पाया है। इसी के साथ क्षेत्र के करीब 65 प्रतिशत किसान ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक सरकार की ओर से कोई सहायता राशि या आदान अनुदान प्राप्त नहीं हुआ है।

इनकी रही उपस्थिति: ज्ञापन देने वालों में जिला विद्युत प्रमुख बना राम लोहार, जिला मंत्री राजेंद्र ओझा, राजस्व प्रमुख पोखर राम जाट, तहसील मंत्री प्रहलाद राय पांडे, हंसराज चौधरी, लोकेश कुमावत, अनुराग पांडे, सत्यनारायण कुमावत, घीसालाल कुमावत, कानाराम गुर्जर व गणेश राम गुर्जर सहित कई किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुआवजे व बकाया अनुदान का भुगतान नहीं हुआ तो वे आंदोलन की राह चुनने को मजबूर होंगे।

