केकड़ी, 31 अगस्त (आदित्य न्यूज नेटवर्क): वैष्णव बैरागी महासभा विकास समिति के तत्वावधान में वैष्णव छात्रावास परिसर में प्रतिभा सम्मान समारोह व सामूहिक गोठ का आयोजन हर्षोल्लास के साथ हुआ। समारोह में शिक्षा, खेल व राजकीय सेवा के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वाली समाज की 16 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। महासभा अध्यक्ष गोपाल लाल वैष्णव रणजीतपुरा ने बताया कि सम्मानित प्रतिभाओं में 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी, राज्य स्तरीय खिलाड़ी तथा विभिन्न राजकीय सेवाओं में नवनियुक्त समाजबंधु शामिल रहे।

इन्हें किया सम्मानित: कक्षा 10वीं में आराध्या वैष्णव ने 94.17 प्रतिशत, अंकुश वैष्णव ने 90 प्रतिशत, श्रेयांश वैष्णव ने 89.83 प्रतिशत तथा कार्तिक वैष्णव ने 88.67 प्रतिशत अंक हासिल किए। वहीं कक्षा 12वीं में कनिष्का वैष्णव ने 93.40 प्रतिशत, आशी वैष्णव ने 88.80 प्रतिशत, हिमाक्षी वैष्णव ने 83 प्रतिशत तथा सुमन बैरागी ने 82 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। कनिष्का वैष्णव सावर ब्लॉक की टॉपर भी रहीं। खेल क्षेत्र में आरोही वैष्णव ने खो-खो तथा राघव वैष्णव ने हॉकी में राज्य स्तर पर समाज का नाम रोशन किया। इसके अलावा निखिल वैष्णव, धीरज वैष्णव, सोनू वैष्णव, मायावी वैष्णव एवं अभिषेक साधु का विभिन्न राजकीय सेवाओं में चयन होने पर सम्मान किया गया।

प्रतियोगिताओं में दिखाया उत्साह: सामूहिक गोठ के दौरान बच्चों के लिए कुर्सी दौड़ व गुब्बारा फोड़, महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़ व रस्साकशी तथा पुरुषों के लिए कुर्सी दौड़ व रस्साकशी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेता व उपविजेता प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया।आयोजन का उद्देश्य समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ सामाजिक एकजुटता, समरसता व भाईचारे को मजबूत करना रहा। सामूहिक गोठ में समाजबंधुओं ने सपरिवार भाग लेकर आपसी मेल-मिलाप का आनंद लिया।

ये रहे मौजूद: कार्यक्रम में ओम प्रकाश गुरुजी, बिरदी चंद वैष्णव, श्री नारायण वैष्णव कंवरपुरा, गोपाल लाल वैष्णव रणजीतपुरा, कैलाश वैष्णव, किशन गोपाल वैष्णव, श्रीराम वैष्णव, संजय वैष्णव, गणेश वैष्णव, अनिल वैष्णव, विनोद वैष्णव, भावसा तेजमल वैष्णव, लाभचंद, रमेश, गणेश, सुनील, अभिषेक, अरविंद, शत्रुघ्न, धनराज एवं परमेश्वर टीलावत सहित समाज के अनेक पदाधिकारी व गणमान्य समाजबंधु उपस्थित रहे।


