Saturday, November 29, 2025
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न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर वकीलों ने भरी हुंकार, केकड़ी जिले का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग, विकास ठप होने का लगाया आरोप

केकड़ी, 28 नवम्बर (आदित्य न्यूज नेटवर्क): केकड़ी जिले का दर्जा निरस्त किए जाने की 11वीं मासिक बरसी पर बार एसोसिएशन केकड़ी के बैनर तले अधिवक्ता समुदाय सड़को पर उतर आया तथा भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए शहर में रैली निकाली। इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया व उपखंड प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर केकड़ी को पुनः जिला घोषित करने की मांग की गई। अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में बताया कि केकड़ी से जिला दर्जा छीनना सरकार का गैर-जिम्मेदाराना व अनैतिक निर्णय है, जिसका सीधा नुकसान केकड़ी की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिला निरस्त होने के कारण विकास कार्य ठप पड़े हैं और जनता अपनी दैनिक प्रशासनिक जरूरतों के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर है। केकड़ी के पास जिला बनने के सभी पैरामीटर्स मौजूद थे, इसके बावजूद जिले का दर्जा छीनना क्षेत्र के भविष्य के साथ अन्याय है।

भुगतने होंगे दूरगामी राजनीतिक परिणाम: बार अध्यक्ष मनोज आहूजा ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही केकड़ी जिले को बहाल नहीं किया तो भाजपा सरकार को इसके दूरगामी राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी चुनावों में केकड़ी की जनता उनके साथ हुए छलावे का मुंहतोड़ जवाब देगी। आहूजा ने कहा कि अगर आज केकड़ी जिला होता तो हजारों-करोड़ों के विकास कार्य यहां शुरू हो चुके होते, लेकिन दुर्भाग्य है कि सरकार ने केकड़ी से उसका हक छीन लिया। उन्होंने इस मौके पर केकड़ी की जनता से कहा कि सरकार को आज नहीं तो कल जिला तो बनाना होगा, किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है, जिला आंदोलन से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होती है तो बार एसोसिएशन मुफ्त में पैरवी करेगा।

केकड़ी: जिले का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर उपखण्ड कार्यालय के कार्मिक को ज्ञापन सौंपते अधिवक्तागण।

विकास की संभावनाओं पर लगा ब्रेक: बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रामावतार मीना ने कहा कि जनता सब देख रही है कि सरकार किसके साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास केवल जिला बनने पर ही गति पकड़ता है, लेकिन सरकार ने एक गलत व दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय लेकर विकास की संभावनाओं पर ब्रेक लगा दिया है। मीणा ने कहा सरकार का दायित्व जनता को विकास, रोजगार और सुविधाएं देना था, लेकिन इस फैसले ने जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी है। कार्यक्रम में पूर्व बार अध्यक्ष हेमंत जैन, सलीम गौरी, सीताराम कुमावत, निरंजन चौधरी, मुकेश गुर्जर, मोहिंदर जोशी सहित कई अधिवक्ताओं ने संबोधित करते हुए केकड़ी को तुरंत जिला बहाल करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि जब तक सरकार केकड़ी को जिला नहीं बनाती, अधिवक्ताओं का यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।

ये रहे मौजूद: ज्ञापन सौंपने के दौरान शैलेन्द्र सिंह राठौड़, पवन सिंह भाटी, लक्ष्मीचंद मीणा, आशिफ हुसैन, अनिल शर्मा, दशरथ सिंह, राजेंद्र अग्रवाल, सीताराम गुप्ता, घनश्याम वैष्णव, सूर्यकांत दाधीच, रोडूमल सोलंकी, आशुतोष शर्मा, रामप्रसाद कुमावत, लोकेश शर्मा, कन्हैया लाल मेवाड़ा, शिवप्रकाश चौधरी, राकेश गुर्जर, भावेश जैन, अमित बसेर, आदिल कुरैशी, अभिनव अग्रवाल, केसर लाल चौधरी, डीएल वर्मा, इमदाद अली, हनुमान शर्मा, सांवर लाल चौधरी, धर्मेंद्र सिंह राठौड़, नरेंद्र लोधा सहित अनेक अधिवक्तागण मौजूद रहे।

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