केकड़ी, 16 जून (आदित्य न्यूज नेटवर्क): एनडीपीएस कोर्ट की विशिष्ट न्यायाधीश एवं एडीजे संख्या-01 जयमाला पानीगरने मादक पदार्थ तस्करी के 6 साल पुराने एक मामले में अवैध डोडा पोस्त परिवहन के आरोपी ट्रेलर चालक व खलासी को दोषी करार देते हुए 7-7 वर्ष के कठोर कारावास व 50-50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। इसके साथ ही तस्करी में प्रयुक्त 22 चक्का मेगा ट्रेलर को राजसात (जब्त) करने के आदेश भी दिए हैं। प्रकरण के अनुसार 4 मार्च 2020 की रात करीब 9:30 बजे भिनाय थाना पुलिस ने बांदनवाड़ा में डाक बंगले के सामने भीलवाड़ा की ओर से आने वाले वाहनों की नाकाबंदी की थी। इस दौरान भीलवाड़ा की तरफ से आ रहे एक 22 चक्का ट्रेलर को रुकवाकर तलाशी ली गई। ट्रेलर की केबिन में चालक की सीट के पीछे छिपाकर रखा हुआ एक प्लास्टिक का कट्टा बरामद हुआ, जिसमें 3 किलोग्राम अवैध अफीम डोडा पोस्त भरा हुआ था। पुलिस पूछताछ में ट्रेलर चालक ने अपना नाम धर्मीचन्द (39) पुत्र रतनलाल निवासी मोराझड़ी (नसीराबाद) व खलासी ने अपना नाम राजू उर्फ तेजू (27) पुत्र हरिकिशन निवासी बरोल (बोराड़ा) बताया था।

नासिक से कटरा जा रहा था ट्रेलर: यह ट्रेलर नासिक (महाराष्ट्र) से माइनिंग मशीन लेकर कटरा (जम्मू) जा रहा था। मादक पदार्थ के परिवहन का कोई वैध लाइसेंस न होने पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर डोडा पोस्त व ट्रेलर जब्त कर लिया था। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक मोहिन्दर कुमार जोशी ने 16 गवाह व 51 दस्तावेजी साक्ष्य पेश कर आरोपियों के खिलाफ अपराध को अकाट्य रूप से साबित किया। आरोपियों के अधिवक्ताओं ने स्वतंत्र गवाह न होने व झूठा फंसाने की दलीलें दीं, जिसे न्यायालय ने अस्वीकार कर दिया। न्यायालय ने माना कि डोडा तस्करों के भय से आम नागरिक गवाह बनने को तैयार नहीं होते, इसलिए पुलिस जाप्ते के गवाह पूरी तरह विश्वसनीय हैं। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्त धर्मीचन्द को धारा 8/15(ख) व 8/25 NDPS एक्ट के तहत तथा खलासी राजू उर्फ तेजू को धारा 8/15(ख) के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को 7-7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया, जिसे न भुगतने पर 3-3 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।


