केकड़ी, 05 अगस्त (आदित्य न्यूज नेटवर्क): यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग द्वारा ‘विश्व स्तनपान जागरूकता सप्ताह‘ के पांचवे दिन अजगरा गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में स्तनपान जागरूकता व्याख्यान व जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष व सह-आचार्य डॉ. रितु शर्मा के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने उपस्थित महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों व छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए विश्व स्तनपान सप्ताह के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. शर्मा ने माताओं को शिशु के जन्म के प्रथम घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने, शुरुआती छह माह तक केवल माँ का दूध देने तथा दो वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखने की सलाह दी।

लगाई पोस्टर की प्रदर्शनी: इसके पश्चात बीएचएमएस तृतीय वर्ष की छात्राओं तनुश्री राठौड़ एवं विशाखा श्रीमाली ने आकर्षक पोस्टर प्रदर्शनी के माध्यम से स्तनपान के लाभ बताए। विभाग की सहायक आचार्य डॉ. निर्मला शर्मा ने विश्व स्तनपान सप्ताह के आयोजन की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए स्तनपान से जुड़ी विभिन्न भ्रांतियों व मिथकों को दूर किया। कॉलेज के प्राचार्य एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुनीत आर. शाह ने विभागीय टीम व विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक जागरूकता अभियान आयोजित करने के लिए प्रेरित किया।

गांव में गूंजे जागरूकता के नारे: व्याख्यान के उपरांत कॉलेज के शिक्षकों, बीएचएमएस तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों व गांव की महिलाओं ने मिलकर एक जन-जागरूकता रैली निकाली। रैली के दौरान “स्तनपान-बच्चे के लिए जीवनदान”, “छोड़ो डिब्बे का दूध यार-मां के दूध में है सच्चा प्यार” और “स्तनपान-अमृत समान” जैसे नारों से पूरा गांव गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम में लगभग 50 छात्र-छात्राएं, शिक्षक व स्थानीय महिलाए मौजूद रहीं। अंत में सभी आगंतुकों व प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

