केकड़ी, 21 जनवरी (आदित्य न्यूज नेटवर्क): पटेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय 14 वर्षीय खो-खो प्रतियोगिता का बुधवार को भव्य समापन हुआ। छह दिनों तक चले इस खेल महाकुंभ के अंतिम दिन रोमांचक फाइनल मुकाबलों में मेजबान राजस्थान की टीमों ने अपना दबदबा कायम रखते हुए दोनों वर्गों के खिताब अपने नाम किए। बालक वर्ग के फाइनल मुकाबले में राजस्थान ने उड़ीसा को 23-18 स्कोर के साथ 5 अंक से हराकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं बालिका वर्ग के फाइनल मुकाबले में राजस्थान ने पंजाब को 16-9 स्कोर के साथ 7 अंक से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया। फाइनल के दौरान बड़ी संख्या में उमड़े दर्शकों व खेल प्रेमियों ने राजस्थान की टीमों का उत्साहवर्धन किया।

दोनों वर्गों में तीसरे स्थान पर रही महाराष्ट्र: फाइनल मुकाबलों से पहले तीसरे स्थान के लिए हुए हार्ड लाइन मुकाबलों के बालक वर्ग में महाराष्ट्र ने हरियाणा को एक पारी व 9 अंक से हराकर कांस्य पदक जीता। वहीं बालिका वर्ग में महाराष्ट्र ने गुजरात एक पारी व 7 अंक से हराकर तीसरे स्थान पर कब्जा जमाया। बुधवार को हुए मुकाबलों में खिलाड़ियों की तेज गति, सटीक रणनीति व बेहतरीन तालमेल ने दर्शकों के साथ-साथ निर्णायकों को भी प्रभावित किया। सभी मुकाबलों के बाद समापन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें अतिथियों ने दोनों वर्गो के विजेता, उपविजेता एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को पुरस्कार स्वरूप ट्रॉफी, मैडल, स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

विधायक ने खिलाड़ियों को किया प्रेरित: समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि खेल के मैदान में कोई हारता नहीं है, बल्कि या तो वह जीतता है या फिर सीखता है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पराजय से कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि हार हमें अपनी कमियों को पहचानने का अवसर देती है। खिलाड़ियों को अपनी हार पर आत्मचिंतन करना चाहिए तथा यह विश्लेषण करना चाहिए कि रणनीति या कौशल में कहां चूक हुई है। अपनी इन कमियों को दूर कर व दोगुने उत्साह के साथ अभ्यास कर अगली प्रतियोगिता में जीत के लिए पुनः तैयारी में जुट जाना चाहिए।

विजेता-उपविजेता टीमों को किया सम्मानित: समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा अजमेर उषा कच्छावा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रही। अध्यक्षता मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अजमेर जगनारायण व्यास ने की। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की फील्ड ऑफिसर कनक चक्रधर, स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के कोच श्यामसुन्दर शर्मा, आयोजन समिति के सचिव एवं जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय प्रारम्भिक शिक्षा अजमेर गोविन्दनारायण शर्मा, आयोजन समिति के सह सचिव एवं मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी केकड़ी गोपीलाल कीर एवं प्रतियोगिता संयोजक व राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गुजरवाड़ा के प्रधानाध्यापक रामबाबू स्वर्णकार भी मंचासीन रहे।

अतिथियों का किया स्वागत: डीईओ अजमेर गोविन्दनारायण शर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया एवं अपनी स्वरचित कविता ‘आ धरती खेलनिया री‘ प्रस्तुत की तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। आयोजन के प्रमुख सूत्रधार एवं अन्तर्राष्ट्रीय निर्णायक सत्यनारायण जाट ने प्रतियोगिता का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। आयोजन समिति के सदस्य एवं राष्ट्रीय खिलाड़ी कमलेश अहीर, शारीरिक शिक्षिका लाली जाट, शारीरिक शिक्षक किशनलाल जाट, महेश शर्मा, विजय पारीक, ईद मोहम्मद, सुरेश आचार्य, कालूराम सामरिया, भागचन्द लखारा, दिनेश कुमार वैष्णव, सूर्यांश चौधरी आदि ने अतिथियों का साफा एवं माला पहनाकर, स्मृति चिह्न भेंट कर, बैज लगाकर एवं उपरणा ओढ़ाकर स्वागत किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां: समारोह के दौरान केशव विद्यापीठ महाविद्यालय, एमएलडी संस्थान एवं देवनारायण बालिका आवासीय विद्यालय केकड़ी की छात्राओं ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। अतिथियों ने ध्वजावतरण कर प्रतियोगिता के समापन की घोषणा की। समारोह के अंत में सीबीईओ गोपीलाल कीर ने आभार व्यक्त किया। समारोह का संचालन शारीरिक शिक्षक अरविन्द अग्रवाल ने किया। उल्लेखनीय है कि 6 दिन तक चली इस प्रतियोगिता में 31 स्टेट यूनिट की 61 टीमों के 732 खिलाड़ियों, 122 कोच, मैनेजर एवं 44 तकनीकी अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

टीम लाइनअप: छात्र वर्ग की राजस्थान टीम में प्रिंस सिंह, युगल किशोर, राजेन्द्र, वीरेन्द्र सिंह, राजेश जाट, लोकेश, मोहित कहार, युवराज सिंह राठौड़, दिलखुश गुर्जर, पारस, साहिल एवं मोहित शामिल रहे। वहीं छात्रा वर्ग में खुशी खटीक, वंशिका यादव, सरिता यादव, गुंजन, रवीना खारोल, तुलसी कुमारी, योगिता, निर्मला, प्रियंका गाडरी, रामकन्या, राधा भाम्भू एवं नेहा शामिल रहे। छात्र वर्ग की टीम के कोच भूपेन्द्र सिंह चौधरी, टीम मैनेजर द्वारका प्रसाद बैरवा व सह प्रशिक्षक आबिद अली थे। वहीं छात्रा वर्ग की टीम के कोच परमेश्वर जाट, टीम मैनेजर लाली जाट व सह प्रशिक्षक रणजीत गुर्जर थे।


