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प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा विभाग सख्त, किताब-यूनिफॉर्म के लिए दबाव बनाया तो होगी कार्रवाई

केकड़ी, 03 अप्रैल (आदित्य न्यूज नेटवर्क): राजस्थान में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। किताब, यूनिफॉर्म, जूते-टाई आदि खरीदने का दबाव बनाने वाले स्कूलों की जांच के आदेश दिए हैं। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को 15 अप्रैल से पहले स्कूलों की चेकिंग करने के लिए कहा है। नियमों का उल्लंघन और पेरेंट्स पर अनावश्यक दबाव बनाने की शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करने के भी निर्देश हैं। इसके लिए एक परफॉर्मा भी जारी किया है। इसमें किसी प्राइवेट स्कूल के खिलाफ कितनी शिकायतें मिली, इसकी भी जानकारी देनी होगी। निदेशक की ओर से 1 अप्रैल को जारी आदेशों के अनुसार गैर सरकारी (प्राइवेट) स्कूलों में स्टूडेंट्स से किताब, यूनिफॉर्म, जूते-टाई आदि के नाम पर लगातार अनियमिताओं की शिकायत मिल रही थी।

क्या है मामला: निजी स्कूलों की ओर से बच्चों और उनके पेरेंट्स पर इन्हें खरीदने के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जाता है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अब सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया है। स्कूलों में 1 अप्रैल 2026 से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है। नियमों का उल्लंघन नहीं हो, इसके लिए निजी स्कूलों की जांच के लिए मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय अलग-अलग कमेटियां गठित की जाएंगी। ये कमेटियां 15 अप्रैल 2026 से पहले जिले के सभी गैर सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्कूल में नियमों का उल्लंघन या पेरेंट्स से जुड़ी शिकायतें सामने आती हैं, तो संबंधित स्कूल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

20 अप्रैल तक भेजनी होगी रिपोर्ट: कमेटी गंभीर मामलों में मान्यता निरस्त करने को लेकर भी सिफारिश कर सकेगी। निरीक्षण के बाद सभी जिला शिक्षा अधिकारी निर्धारित प्रारूप (एमएस एक्सेल) में रिपोर्ट 20 अप्रैल 2026 तक ई-मेल के माध्यम से निदेशालय को भेजेंगे। शिक्षा विभाग का कहना है कि यदि कोई निजी स्कूल निर्देशों की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस संबंध में शिक्षा अधिकारियों का कहना रहा कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने आदेश दिया है, जिसका पालन किया जा रहा है। अगर कोई निजी स्कूल संचालक या शिक्षक बच्चों पर दबाव डाल रहे हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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