केकड़ी, 22 अप्रैल (आदित्य न्यूज नेटवर्क): प्रदेश में वकीलों की सबसे बड़ी संस्था बार काउंसिल ऑफ राजस्थान (BCR) के चुनाव के लिए बुधवार को केकड़ी में सुबह 8 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हुई, जो शाम पांच बजे तक चली। करीब आठ साल के लंबे अंतराल व तीन वर्ष की देरी से हुए इन चुनावों को लेकर अधिवक्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। इस मतदान में प्रदेश के 84 हजार 247 अधिवक्ता 23 पदों के लिए चुनावी मैदान में उतरे 234 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। चुनाव मैदान में बार एसोसिएशन केकड़ी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मनोज आहूजा भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जो प्रदेश स्तर पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चुनावी समर में हैं।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मतदान: केकड़ी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीताराम कुमावत ने बताया कि चुनाव को पारदर्शी बनाने के लिए इस बार सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित कमेटी की सीधी निगरानी में मतदान करवाया जा रहा है। प्रदेश भर में कुल 258 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। मतदान संपन्न होने के बाद सभी मतपेटियां डिस्ट्रिक्ट जज के पास जमा होंगी, जिन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच जोधपुर भेजा जाएगा। मतगणना का कार्य 29 अप्रैल से प्रारंभ होगा।

स्थानीय स्तर पर उत्साह: केकड़ी में निर्वाचन प्रक्रिया का संचालन कर रहे एडवोकेट चेतन धाभाई ने बताया कि स्थानीय पोलिंग बूथ पर सुबह से ही अधिवक्ताओं की कतार लग गई। यहां कुल 215 अधिवक्ताओं में से 200 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अधिवक्ताओं के इस महापर्व में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए तथा वरिष्ठ से लेकर युवा अधिवक्ताओं में अपने नेतृत्व को चुनने के लिए भारी जोश नजर आया।

महिला आरक्षण ने बदला चुनावी समीकरण: इस बार के चुनाव ऐतिहासिक हैं, क्योंकि पहली बार महिला अधिवक्ताओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। 23 निर्वाचित पदों में से 5 पर महिलाएं काबिज होंगी, जबकि 2 पदों पर उन्हें सह-नामित किया जाएगा। इस क्रांतिकारी बदलाव के कारण इस बार 57 महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। 25 सदस्यीय परिषद में अब 7 महिला सदस्य अपनी आवाज बुलंद करेंगी।


