केकड़ी, 24 अप्रैल (आदित्य न्यूज नेटवर्क): सावर कस्बे के चर्चित बैंक ऑफ बड़ौदा लॉकर चोरी कांड में तीन माह बाद भी पुलिस के खाली हाथ रहने पर अब जिला पुलिस अधीक्षक ने स्वयं कमान संभाल ली है। शुक्रवार को जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला सावर पहुंचे व घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एसपी ने जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस टीमों को सख्त लहजे में जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने के निर्देश दिए हैं।

थाने में फाइल खंगाली व जांच की समीक्षा की: एसपी अग्रवाला ने सुबह सावर थाना पहुंचकर मामले की केस डायरी का गहन अध्ययन किया। उन्होंने अब तक की जांच प्रगति की समीक्षा करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मील व थाना प्रभारी राधेश्याम चौधरी से सीसीटीवी फुटेज व अन्य तकनीकी साक्ष्यों पर चर्चा की। एसपी ने इस दौरान जांच में आ रही अड़चनों को समझा व अधिकारियों को नए सिरे से रणनीति बनाने के निर्देश दिए।

बैंक पहुंचकर देखा ‘एंट्री पॉइंट‘: थाने में समीक्षा के बाद एसपी अग्रवाला टीम के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पहुंचे। वहां उन्होंने उस लॉकर रूम का मुआयना किया जहां से चोरों ने वारदात को अंजाम दिया था। एसपी ने बैंक शाखा प्रबंधक व कर्मचारियों से घटना के समय की परिस्थितियों पर विस्तार से पूछताछ की। गौरतलब है कि चोरों ने बेहद शातिराना तरीके से छत काटकर लॉकर रूम में प्रवेश किया था, जिसकी बारीकियों को एसपी ने स्वयं देखा।

करोड़ों के जेवरात हुए थे पार: यह सनसनीखेज वारदात इसी वर्ष 17-18 जनवरी को बैंक अवकाश के दौरान हुई थी। अज्ञात चोरों ने पीछे की दीवार के रास्ते छत पर चढ़कर कटर से छत काटी व सीधे लॉकर रूम में उतर गए। चोरों ने इंद्रराज शर्मा के लॉकर नंबर 60 व लोकेश पारीक के लॉकर नंबर 64 को निशाना बनाते हुए करीब एक करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात पार कर लिए थे।

खुलासे के लिए विशेष निर्देश: वारदात के इतने समय बाद भी आरोपियों का सुराग नहीं लगने से पीड़ितों व ग्रामीणों में असंतोष है। अब एसपी के सख्त रुख के बाद पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए विशेष प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें संदिग्धों व पुराने अपराधियों से पूछताछ के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों को दोबारा खंगालने में जुट गई हैं।
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