केकड़ी, 08 मई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम संख्या-1 ने चेक अनादरण के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को कारावास व आर्थिक दंड से दंडित किया है। न्यायालय ने देवगांव निवासी अहसान अली को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई है। अधिवक्ता लेन्सी झंवर ने बताया कि देवगांव निवासी अहसान अली पुत्र गुलाब खां ने परिवादी गोपाल दरोगा से सरसों की खरीदारी की थी। इस सौदे की बकाया राशि 1.70 लाख रुपए के भुगतान के लिए आरोपी ने परिवादी को एक चेक सौंपा था। जब परिवादी ने उक्त चेक को बैंक में भुगतान के लिए लगाया, तो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बैंक ने चेक अनादरित (बाउंस) कर लौटा दिया।

नोटिस के बाद भी नहीं किया भुगतान: चेक बाउंस होने के बाद परिवादी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी को कानूनी नोटिस भेजकर राशि लौटाने का अवसर दिया, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने भुगतान नहीं किया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों व तर्कों के आधार पर न्यायालय ने अहसान अली को चेक अनादरण का दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपी को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 2.20 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में परिवादी की ओर से पैरवी अधिवक्ता लेन्सी झंवर ने की।


