केकड़ी, 08 मई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): राजकीय जिला अस्पताल में इन दिनों चल रही रक्त की किल्लत के बीच क्षेत्र के रक्तवीरों ने एक बार फिर मानवता का परिचय दिया है। एक व्हाट्सएप संदेश पर हरकत में आए युवाओं व अध्यापिका ने भीषण गर्मी के बावजूद अस्पताल पहुंचकर दुर्लभ रक्त समूह का दान कर दो गंभीर महिला मरीजों की जान बचाई। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल व स्वास्तिक हॉस्पिटल में भर्ती दो महिला मरीजों को प्रसव के दौरान तत्काल रक्त की आवश्यकता थी। इनमें से एक का ब्लड ग्रुप अत्यंत दुर्लभ ‘बी नेगेटिव‘ व दूसरी का ‘एबी पॉजिटिव‘ था। परिजनों द्वारा भारत विकास परिषद के सदस्य दिनेश वैष्णव से संपर्क करने पर उन्होंने सोशल मीडिया ग्रुप्स में संदेश प्रसारित किया।

अध्यापिका व युवाओं ने पेश की मिसाल: संदेश मिलते ही ग्राम पारा के राजकीय विद्यालय में कार्यरत अध्यापिका गंगा मीणा ने अस्पताल पहुंचकर अपना दुर्लभ ‘बी नेगेटिव‘ रक्त दान किया। यह उनका 9वां रक्तदान था। वहीं सावर के व्यवसायी सागर भगत जैन, राजपुरा के अध्यापक दीपक वैष्णव (11वां रक्तदान) व माइंस एरिया से आए सोमनाथ शर्मा ने ‘एबी पॉजिटिव‘ रक्तदान किया। इसके अलावा दादिया निवासी नौरत खटीक ने ‘ओ पॉजिटिव‘ रक्तदान कर आपात स्थिति में सहयोग किया।

विधायक ने थपथपाई पीठ: इसी दौरान बैठक के सिलसिले में अस्पताल में मौजूद विधायक शत्रुघ्न गौतम को जैसे ही रक्तदान की सूचना मिली, वे स्वयं ब्लड बैंक पहुंचे। उन्होंने रक्तदाताओं से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। विधायक ने कहा कि केवल एक संदेश पर अनजान मरीजों की जान बचाने पहुंचाना प्रेरणादायी है। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं व रक्तवीरों की इस सेवा भावना की सराहना की। इस अभियान में ब्लड बैंक के महावीर विजयवर्गीय, पदम जैन, महावीर झांकल व नर्सिंग स्टाफ अंकित व अदिति चावला का विशेष सहयोग रहा। सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश वैष्णव ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए युवाओं से नियमित रक्तदान की अपील की।

