केकड़ी, 18 मई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): राजस्थान राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सोमवार को प्रदेशव्यापी आंदोलन का शंखनाद किया गया। आरजीएचएस (RGHS) योजना में कथित बदलावों, पदोन्नति के बावजूद तहसीलदारों की नियुक्तियों में देरी व वित्तीय विसंगतियों को लेकर केकड़ी में कर्मचारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर चन्द्रशेखर भंडारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। महासंघ के प्रदेश सभाध्यक्ष शंभूसिंह राठौड़ ने बताया कि वर्तमान सरकार कर्मचारियों के हित-लाभ बंद करने का प्रयास कर रही है। वाजिब मांगों के प्रति शासन का उदासीन रवैया बेहद निराशाजनक है, जिसके कारण राज्य के करीब 7 लाख कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि आरजीएचएस के निजीकरण के प्रयास व सेवानिवृत्ति पर समय पर परिलाभ न मिलना कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

नोटिस के बाद भी सकारात्मक पहल नहीं: महासंघ के प्रदेश मंत्री हरगोविंदसिंह राठौड़ ने बताया कि आंदोलन की शुरुआत से पहले राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, मुख्य सचिव, चिकित्सा सचिव, कार्मिक सचिव व राजस्व सचिव से मिलकर बकायदा नोटिस दिया गया था। शासन स्तर पर कोई सकारात्मक पहल नहीं होने के कारण ही सोमवार को जिला कलेक्टरों व उपखंड अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन कर ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आरजीएचएस योजना को सुचारू रखने व अन्य मांगों पर शीघ्र कदम नहीं उठाए, तो अगले सोमवार को आगामी चरण की घोषणा कर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।

इन प्रमुख मांगों को लेकर गूंजी आवाज: ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि आरजीएचएस योजना में किए जा रहे कथित बदलावों व निजीकरण के प्रयासों पर तुरंत रोक लगाई जाए, पदोन्नति को 6 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी करीब 200 तहसीलदारों को अब तक पदस्थापन (पोस्टिंग) नहीं दी गई है, उन्हें तुरंत नियुक्त किया जाए, उपखंड कार्यालयों में आवश्यकतानुसार नए पदों का सृजन किया जाए एवं कर्मचारियों के अवकाश एन्कैशमेंट व सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले समस्त परिलाभों का समय पर भुगतान सुनिश्चित हो। इस मौके पर प्रदेश महिला मंत्री प्रियंका शर्मा, सुदेश पाराशर, अंकित शर्मा, जयप्रकाश प्रजापत, खुशबू दाधीच, कुनालसिंह भाटी, पंकज मेवाड़ा, अमरचंद प्रजापत, अमरचंद जाट, हीरालाल बलाई, सुनीता शर्मा व प्रहलाद जाट सहित कई मंत्रालयिक कर्मचारी उपस्थित रहे।

