केकड़ी, 06 जून (आदित्य न्यूज नेटवर्क): बघेरा में शनिवार को “गुरु वंदन व सखा संगम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षों पूर्व साथ पढ़ने वाले विद्यालय व महाविद्यालय के विद्यार्थियों को एक मंच पर लाकर पुनः आपसी मेल-मिलाप को बढ़ावा देना तथा गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान करना था। कार्यक्रम संयोजक वीरेंद्र सिंह नरूका ने बताया कि समय के साथ अधिकांश विद्यार्थी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में व्यस्त हो गए है। कोई सरकारी अथवा निजी सेवा में कार्यरत है तो कोई व्यवसाय के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। ऐसे में वर्षों से अनेक सहपाठियों का आपसी संपर्क भी टूट गया था। इस कार्यक्रम के माध्यम से वर्षों बाद एक-दूसरे से मिलकर सभी पूर्व विद्यार्थी भावुक व उत्साहित नजर आए। सभी ने साथ बैठकर अपने छात्र जीवन की पुरानी यादें ताजा कीं तथा हंसी-ठिठोली के बीच पुराने दिनों को याद किया।

गुरुजनों का हुआ आत्मीय सम्मान: कार्यक्रम के दौरान विद्यालय जीवन में शिक्षा प्रदान करने वाले गुरुजनों का साफा बंधन, माल्यार्पण व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। सम्मानित गुरुजनों में केसर लाल चौधरी, रंगलाल माली, परमेश्वर जोशी, भानु प्रकाश चतुर्वेदी, महेंद्र कुमार टेलर, जगदीश वैष्णव, नाथूसिंह खिड़यां, किशन लाल चौधरी तथा रामप्यारे लाल खारोल शामिल रहे। इस अवसर पर वक्ताओं ने गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन में सफलता की नींव शिक्षकों के मार्गदर्शन से ही मजबूत होती है।

आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करने का प्रयास: कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विद्यार्थियों ने समाज में शिक्षा, संस्कार व सामाजिक एकता के महत्व पर भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम को सफल व सुव्यवस्थित बनाने में स्थानीय युवाओं व सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन केवल एक मिलन समारोह नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा के सम्मान, सामाजिक समरसता व आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यक्रम को लेकर पूर्व विद्यार्थियों व क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।


