केकड़ी, 12 मई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ व ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ राष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया गया। केंद्र सरकार के ‘टीबी मुक्त भारत अभियान-100 दिवसीय कार्यक्रम‘ के अंतर्गत आयोजित सत्र में डॉ. आनंद पाराशर ने टीबी (क्षयरोग) के लक्षणों व इसके निवारण पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समय पर जांच व पूर्ण उपचार ही इस बीमारी से मुक्ति का एकमात्र मार्ग है। इस दौरान आरती बैरवा ने उपस्थित समस्त छात्र-छात्राओं व स्टाफ को टीबी मुक्त भारत की शपथ दिलवाई।

सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक: इसी क्रम में सोमनाथ मंदिर की गौरवगाथा को समर्पित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व‘ मनाया गया। डॉ. रजनी ने सोमनाथ तीर्थस्थल की ऐतिहासिक महत्ता व भारतीय संस्कृति में इसके विशिष्ट स्थान पर विस्तार से चर्चा की। सहायक प्रोफेसर ज्योति मीणा ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति व सांस्कृतिक चेतना का संचार किया। सहायक प्रोफेसर शहजाद अली व सहायक आचार्य पुष्पेंद्र यादव ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा: जागरूकता अभियान के तहत महाविद्यालय में निबंध व भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें आरती बैरवा, किरण कपासिया, दिव्यांशी गोस्वामी, गायत्री माली, ईशा सुखवानी, स्वाति सैन व देवेंद्र सिंह ने सक्रिय रूप से भाग लेकर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. के.एल. मीणा ने बताया कि इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सामाजिक स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनाना व उन्हें अपनी गौरवशाली जड़ों से जोड़ना है। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा।

