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मुमुक्षु अभिनंदन समारोह: 40 लाख का पैकेज छोड़ संयम पथ पर बढ़े शुभम श्रीश्रीमाल का सकल जैन समाज ने किया बहुमान

केकड़ी, 26 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): मुमुक्षु शुभम श्रीश्रीमाल ने कहा कि मोक्ष पाने के लिए संयम जरूरी है। संयम के बिना मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो सकती। वे रविवार को बघेरा रोड स्थित श्री जिन कुशल सूरी दादाबाड़ी में आयोजित दीक्षार्थी अभिनन्दन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह संसार असार है, खारा है। संयम के मार्ग पर चलकर ही सांसारिक मोहमाया से छुटकारा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि सांसारिक व भौतिकता की चकाचौंध में अध्यात्म व वीतराग मार्ग की ओर अग्रसर होना एक महान उपलब्धि है। समारोह के दौरान श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ, तपागच्छ संघ एवं लोढ़ा परिवार के सदस्यों ने मुमुक्षु शुभम श्रीश्रीमाल एवं उनके माता-पिता पुष्पा देवी व प्रदीप श्रीश्रीमाल का शॉल ओढ़ाकर एवं गोद भराई की रस्म कर भावभीना अभिनन्दन किया।

केकड़ी: मुमुक्षु शुभम श्रीश्रीमाल का बहुमान करते तपागच्छ संघ के सदस्य।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां व विचार अभिव्यक्ति: समारोह की शुरूआत में बालिका मंडल की बालिकाओं ने मंगलाचरण नृत्य प्रस्तुत किया। महिला मंडल की सदस्याओं ने स्वागत गीत एवं बालिका मंडल की बालिकाओं ने दीक्षा प्रसंग का जीवंत मंचन किया। इस मौके पर मीनू लोढ़ा व संजू लोढ़ा ने वैराग्य गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में जितेन्द्र सिंघवी, रिखब सोनी, आरवी ताथेड़, साक्षी पीपाड़ा व अंकिता ताथेड़ ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन नीरज लोढ़ा ने किया। गौरतलब है कि मुमुक्षु शुभम श्रीश्रीमाल केकड़ी निवासी शिल्पा लोढ़ा (धर्मपत्नी नीरज लोढ़ा) की बड़ी बहन पुष्पा श्रीश्रीमाल (धर्मपत्नी प्रदीप श्रीश्रीमाल) के सुपुत्र हैं।

केकड़ी: मुमुक्षु शुभम श्रीश्रीमाल का बहुमान करते लोढ़ा परिवार के सदस्य।

ये रहे मौजूद: इस अवसर पर श्री जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ संघ के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंघवी, स्थानकवासी संघ के अध्यक्ष अशोक लोढ़ा, तपागच्छ संघ के मंत्री महेन्द्र धम्माणी, उत्तमचंद ओस्तवाल मुम्बई, संजय ओस्तवाल मुम्बई, गौतम सिंह बग्गाणी, सुरेन्द्र लोढ़ा, नरेन्द्र पीपाड़ा, सुभाष चौरड़िया, राजेन्द्र विनायका, शिवरतन मूंदड़ा, अक्षय नाहटा, शैलेन्द्र बोरदिया, कृष्णा पीपाड़ा, अमित धूपिया, गौतम रूपावत, उमराव मल मेड़तवाल, भंवरलाल मेड़तवाल, पारसमल सोनी, निहाल चंद मेड़तवाल, राकेश मेड़तवाल, अंकित मेड़तवाल, दीपक धूपिया, आदित्य लोढ़ा, छोटूलाल पालड़ेचा, शांतिलाल ताथेड़, मांगीलाल ताथेड़, नवीन ताथेड़, निर्मल ताथेड़, खेमचंद ताथेड़, पंकज ताथेड़, विजय कोठारी व कमल लोढ़ा किशनगढ़ सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

स्थानक व उपाश्रय में लिया गुरु भगवंतों का आशीर्वाद: समारोह से पूर्व मुमुक्षु शुभम श्रीश्रीमाल ने सब्जी मंडी स्थित स्थानक भवन में विराजित महासती कमला श्रीजी म.सा. आदि ठाणा 5 एवं उपाश्रय भवन में विराजित साध्वी विशेषमाला श्रीजी म.सा. आदि ठाणा 6 के दर्शन-वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। स्थानक भवन में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से मुमुक्षु शुभम श्रीश्रीमाल का शॉल ओढ़ाकर एवं गोद भराई कर बहुमान किया गया।

केकड़ी: दीक्षार्थी अभिनंदन समारोह में बोलते मुमुक्षु शुभम श्रीश्रीमाल।

सुख-वैभव छोड़ संयम पथ की ओर मुड़े कदम: ब्यावर हाल पाली निवासी पुष्पा व प्रदीप श्रीश्रीमाल के 30 वर्षीय सुपुत्र शुभम श्रीश्रीमाल आगामी 4 सितंबर 2026 को बीकानेर में जैन आचार्य श्री रामलाल महाराज व उपाध्याय श्री राजेश मुनि के पावन सानिध्य में जैन भागवती दीक्षा ग्रहण करेंगे।18 सितंबर 1995 को जन्मे शुभम ने पटियाला से इंजीनियरिंग करने के बाद बेंगलुरु की एक प्रतिष्ठित कंपनी में 40 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य किया। हालांकि, इस कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल के बीच भी उनका मन हमेशा धर्म, साधना व आत्म-कल्याण की राह तलाशता रहा।

केकड़ी: दीक्षार्थी अभिनंदन समारोह में उपस्थित महिलाएं।

शिविर में जागृत हुई वैराग्य की भावना: जून 2025 में आचार्य श्री रामलाल महाराज के सानिध्य में आयोजित उन्नयन शिविरके प्रवचनों से प्रेरित होकर शुभम के मन में तीव्र वैराग्य जागृत हुआ। उन्होंने जीवन भर शील व्रत पालन करने का संकल्प लिया और अंततः अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया।शुभम के बड़े भाई अंकित श्रीश्रीमाल ने बताया कि शुरुआती असमंजस के बाद शुभम की अटूट श्रद्धा व दृढ़ निश्चय को देखकर परिवार ने सहर्ष दीक्षा की अनुमति दे दी। गत 9 जुलाई 2026 को माता-पिता ने गुरुदेव को दीक्षा का आज्ञा पत्र समर्पित किया। शुभम इसे पूर्व जन्म के संस्कारों व गुरु कृपा का फल मानते हुए संयम पथ पर आगे बढ़ रहे हैं।

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