हैदराबाद (तेलंगाना), 29 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): आषाढ़ सुदी पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा) के पावन अवसर पर त्रयनगर स्थित श्री जैन श्वेताम्बर जिनकुशलसूरिजी दादाजी बाग मंदिर कारवान दादाबाड़ी में बुधवार को ‘गुरु समर्पणम् महोत्सव‘ श्रद्धा, भक्ति व आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. व पूज्य गणिवर्य श्री मयंकप्रभसागरजी म.सा. आदि ठाणा-9 की पावन निश्रा तथा पूज्या गणिनी प्रवरा श्री सुलोचनाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा-34 के पावन सानिध्य में आयोजित हुआ। प्रातःकाल पूज्य गुरुदेवश्री को पालकी में विराजमान कर गुरु भक्तों द्वारा जयघोष के साथ मंडप में लाया गया।

मंगलाचरण से हुआ महोत्सव का शुभारंभ: महोत्सव का शुभारंभ पूज्य गुरुदेव के मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद मुमुक्षु वेदांत श्रीश्रीमाल, मुमुक्षु हर्ष संचेती व मुमुक्षु गौरव ने गुरु भक्ति पर विचार व्यक्त किए। केयुप के रमेश पारख व बाड़मेर-हैदराबाद के भरत वडेरा ने रैप प्रस्तुति के माध्यम से गुरु भक्ति दर्शाई। साथ ही मंत्र बरलोटा, केएमपी से शीतल तातेड़, खनक तातेड़, गीतिका, ज्ञानवाटिका से विक्रम ढड्डा, केएमपी सिकंदराबाद की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरती जैन, छवि छाजेड़, प्रीति बांठिया, खुशबू वडेरा व आरती भंसाली ने भी भक्तिमय प्रस्तुतियां दी।


गुरु पूर्णिमा समर्पण का अवसर: धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्यश्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. ने कहा कि गुरु केवल पूजनीय व्यक्तित्व नहीं, बल्कि जीवन के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। गुरु पूर्णिमा आत्मचिंतन, आत्मपरिवर्तन व गुरु आज्ञा के प्रति पूर्ण समर्पण का अवसर है। सभा को मुनि महितप्रभसागर, मुनि मृणालप्रभसागर, मुनि मधुरप्रभसागर, नूतन मुनि मंत्रप्रभसागर व साध्वी प्रियस्वर्णांजना श्रीजी म.सा. ने भी संबोधित किया। इस मौके पर गणिनी प्रवरा सुलोचनाश्रीजी म.सा. द्वारा हस्तलिखित ग्रंथ पूज्य गुरुदेव के चरणों में अर्पित किया गया।

ये बने लाभार्थी: गुरु पूजन का लाभ प्रधान संयोजक मनोहरलाल, कुशलराज, संजयकुमार, दिनेशकुमार कांकरिया परिवार ने व गुरु वधावणा का लाभ जीरावला ट्रस्ट मंडल (हैदराबाद से प्रवीण संखलेचा) ने प्राप्त किया। इस अवसर पर भाग्यदीप रेजिडेंसी निर्माणकर्ता परिवार की ओर से 28 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाले प्रतिष्ठा महोत्सव की विनती की गई। इस दौरान तेलंगाना के वरिष्ठ आरएसएस प्रचारक गोविंद ने गुरुदेव के दर्शन कर वंदना की, जिसके बाद उनका बहुमान किया गया।


इन्होंने निभाई सहभागिता: कार्यक्रम में दादावाड़ी ट्रस्ट के रितेश भंसाली, संदीप देवड़ा (धोका) व संपत संखलेचा (इचलकरंजी) ने भी सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का संचालन मुनि विरक्तप्रभसागर म.सा. ने किया। अंत में गायक अनिश राठौड़ ने भजनों की मनोहारी प्रस्तुति दी। देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने गुरुदेव का अक्षत से वधामणा कर नियम-व्रत ग्रहण किए। यह समाचार नेमिकांतिमणि टीम द्वारा संकलित किया गया है।


