केकड़ी, 07 अगस्त (आदित्य न्यूज नेटवर्क): मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित सात दिवसीय ‘विश्व स्तनपान सप्ताह‘ (1 से 7 अगस्त) का विभिन्न शिक्षण व चिकित्सा संस्थानों में प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ गरिमामयी समापन हुआ। यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के तत्वावधान में विभागाध्यक्ष डॉ. रितु शर्मा व सहायक आचार्य डॉ. निर्मला शर्मा के संयोजन में अंतिम दिन बीएचएमएस विद्यार्थियों के लिए रंगोली व रील्स प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्राचार्य डॉ. पुनीत आर शाह, डॉ. अंशुल चाहर, डॉ. सीमा गुप्ता, अंजलि ठाकुर व डॉ. कनुप्रिया ने निर्णायक की भूमिका निभाते हुए परिणाम घोषित किए।

ये बने विजेता: रंगोली प्रतियोगिता में अमन शर्मा, सुरेंद्र मीणा, कृष्ण जाट व पंकज वर्मा की टीम प्रथम तथा गवाक्षी गौड़, ईशा गहलोत व प्रिया राज की टीम द्वितीय रही। वहीं रील्स प्रतियोगिता में रतन गोयल, प्रभात सिंह, महिमा चौधरी, आराधना व भावना ने पहला तथा विनीता बेनीवाल, साक्षी चौधरी, अंशु मीणा, रिंकेश चौधरी, दीपांकन व हिमांशु खज्जा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. अनुश्री नागर, सहायक आचार्य डॉ. लक्की व संकाय सदस्य मौजूद रहे।

राजकीय जिला चिकित्सालय व राजकीय मॉडल नर्सिंग संस्थान: जिला चिकित्सालय व मॉडल नर्सिंग संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सप्ताहभर भाषण, कविता, क्विज तथा पोस्टर प्रदर्शन व प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। पीएमओ डॉ. राजेंद्र मौर्य की अध्यक्षता व नवजात एवं शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सविता मौर्य के निर्देशन में आयोजित समापन समारोह में विविध प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन संचालन नर्सिंग ऑफिसर निखिल साहू ने किया।

ये रहे मौजूद: समारोह में एसएनसीयू प्रभारी डॉ. मनोज नागर, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक जैन व डॉ. अखिलेश शर्मा, नर्सिंग अधीक्षक मदन लाल आलोरिया, नर्सिंग उप अधीक्षक अरविंद छीपा, एसएनसीयू नर्सिंग प्रभारी आलोक कुमावत व नर्सिंग ट्यूटर दुर्गेश चौहान उपस्थित रहे। इस दौरान चिकित्सकों ने संदेश दिया कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान की शुरुआत और शुरुआती 6 माह तक केवल मां का दूध ही शिशु के सर्वांगीण विकास व सुरक्षा के लिए सर्वोत्तम आहार है। स्तनपान शिशु को विभिन्न संक्रमणों से बचाने के साथ-साथ उसके शारीरिक एवं मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

