केकड़ी, 13 अगस्त (आदित्य न्यूज नेटवर्क): यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी के प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन विभाग द्वारा विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शिविर चिकित्सा प्रभारी एवं प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अंशुल चाहर द्वारा उद्देश्य की जानकारी देने के साथ हुई। उन्होंने अंगदान को चिकित्सा विज्ञान के साथ-साथ मानवता व सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन विभाग की सहायक आचार्य डॉ. साक्षी शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए अंगदान के प्रति जागरूकता, परिवार के साथ इस विषय पर संवाद तथा समाज में सही व वैज्ञानिक जानकारी के प्रसार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

डॉक्यूमेंट्री बनी आकर्षण का केंद्र: कार्यक्रम में बीएचएमएस तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा अंगदान के महत्व एवं इसके विभिन्न वैज्ञानिक पहलुओं पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। साथ ही एक अंगदान जागरूकता डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई, जिसके माध्यम से अंगदान के मानवीय व सामाजिक महत्व को सहजता से दर्शाया गया। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक संकाय सदस्यों व विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित फैकल्टी सदस्यों व विद्यार्थियों ने अंगदान की शपथ ली और इस संदेश को परिवार व समाज तक पहुंचाने का संकल्प जताया।

जताया आभार: समापन अवसर पर डॉ. राजेश कुमार मीणा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन, विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी व प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अंगदान केवल किसी व्यक्ति का जीवन बचाने का माध्यम नहीं, बल्कि मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा करने का एक महान संकल्प है। समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर कर वैज्ञानिक व सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए।

