केकड़ी, 11 सितंबर (आदित्य न्यूज नेटवर्क): केकड़ी क्षेत्र के प्रसिद्ध मीणों का नया गांव स्थित भगवान देवनारायण मंदिर में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का एक बार फिर बड़ा प्रमाण सामने आया है। भादवा माह की अमावस्या के अवसर पर मंदिर समिति की ओर से दानपात्र खोला गया। दानपात्र से प्राप्त नकद राशि की गणना में कुल 2 करोड़ 43 लाख 10 हजार 321 रुपए का चढ़ावा प्राप्त हुआ। पिछले वर्ष दानपात्र से 1 करोड़ 53 लाख 21 हजार 829 रुपए प्राप्त हुए थे। इस तरह इस वर्ष पिछले साल की तुलना में करीब 90 लाख रुपए अधिक चढ़ावा प्राप्त हुआ है। दानपात्र से निकली राशि की गणना का कार्य सुबह करीब 7 बजे शुरू हुआ और दोपहर करीब 1 बजे तक चला। मंदिर समिति से जुड़े लोगों की मौजूदगी में पहले नोटों की गिनती की गई तथा बाद में मशीनों के माध्यम से राशि की गणना कर उसका मिलान किया गया। करीब छह घंटे तक चली गणना के दौरान मंदिर परिसर में नोटों के बंडलों का ढेर नजर आया।

दानपात्र भरने पर साल में चार बार निकाली राशि: मंदिर समिति के रामप्रसाद मीणा ने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की ओर से बड़ी संख्या में चढ़ावा आने के कारण दानपात्र कई बार भर गया। इसके चलते वर्ष के दौरान चार बार दानपात्र से राशि निकाली गई। इन सभी बार निकाली गई राशि को मिलाकर इस वर्ष की कुल नकद आय 2 करोड़ 43 लाख 10 हजार 321 रुपए रही। उन्होंने बताया कि भादवा माह की अमावस्या पर दानपात्र खोलकर वार्षिक रूप से राशि की गणना की जाती है। भगवान देवनारायण के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नकद चढ़ावे के साथ बड़ी मात्रा में चांदी की सामग्री भी अर्पित की गई। इस वर्ष भक्तों ने करीब एक किलो चांदी की ज्वैलरी एवं अन्य सामग्री भगवान के चरणों में भेंट की। इसमें चांदी के छत्र, दो गाय, घोड़ी, बाजोट, पगलिया, त्रिशूल सहित अन्य सामग्री शामिल है।

कई जिलों से पहुंचते हैं देवभक्त: मीणों का नया गांव स्थित भगवान देवनारायण धाम क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक एवं आस्था का केंद्र है। यहां केकड़ी क्षेत्र के अलावा आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वर्षभर प्रत्येक शनिवार को धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। भक्त भगवान देवनारायण के चरणों में नकद राशि के साथ चांदी सहित विभिन्न सामग्री अर्पित करते हैं। धाम के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था का अंदाजा यहां पहुंचने वाली पदयात्राओं से भी लगाया जा सकता है। विभिन्न गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से देवभक्त पदयात्रा करते हुए भगवान देवनारायण के दरबार में पहुंचते हैं। पदयात्राओं के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहता है।

17 सितंबर को होगा वार्षिक लक्खी मेला: भगवान देवनारायण धाम में 17 सितंबर को वार्षिक लक्खी मेला आयोजित किया जाएगा। मेले को लेकर मंदिर समिति एवं प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मंदिर परिसर की सजावट, मेला मैदान, पार्किंग तथा श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मेले के दौरान मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन भी होगा, जिसमें दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की जाएगी। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु लक्खी मेले में पहुंचते हैं। इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को व्यापक रूप दिया जा रहा है। मेले को लेकर देवभक्तों में खासा उत्साह है।

