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भादवीं छठ पर देवनारायण धाम में आस्था का महाकुंभ, दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन; ध्वज-पताकाओं के साथ उमड़ा देवभक्तों का सैलाब

केकड़ी, 17 सितंबर (आदित्य न्यूज नेटवर्क): भादवीं छठ के अवसर पर गुरुवार को मीणों का नयागांव स्थित भगवान देवनारायण धाम पर लक्खी मेले का आयोजन हुआ। सुबह से ही भगवान देवनारायण के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगना शुरू हो गईं। दोपहर बाद बारिश का दौर शुरू होने से कुछ समय के लिए दर्शनार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन शाम करीब चार बजे मौसम साफ होते ही मेला पूरे परवान पर चढ़ गया। दिनभर में करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान देवनारायण के दर्शन किए। देवनारायण धाम से करीब तीन किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ा। भक्तों ने भगवान देवनारायण को खीर, चूरमे और नारियल का भोग लगाकर दर्शन किए तथा मन्नतें मांगीं। मेले में घोड़ी नृत्य आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। महिला, पुरुष और बच्चों ने झूले-चकरियों का आनंद लिया, वहीं महिलाओं व युवतियों ने मणिहारी सहित अन्य सामानों की जमकर खरीदारी की।

केकड़ी: लक्खी मेले के अवसर पर देव दरबार में उमड़ी दर्शनार्थियों की भीड़।

एक किलोमीटर पहले रोके वाहन, फिर भी लगा जाम: मेले में भीड़ और यातायात व्यवस्था को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने केकड़ी रोड, उन्दरी गांव तथा गुलगांव की ओर से आने वाले मार्गों पर करीब एक किलोमीटर पहले ही बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोक दिया। इसके बावजूद शाम के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से जाम की स्थिति बन गई। सदर थानाधिकारी मुकेश गौरा जवानों के साथ यातायात व्यवस्था की निगरानी करते रहे। पांच थानों का जाप्ता रहा तैनात: मेले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए केकड़ी सदर, केकड़ी सिटी, सरवाड़, सराना और सावर पुलिस थानों के जाप्ते सहित पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मील और पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता ने दिनभर मेले का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

केकड़ी: लक्खी मेले में उमड़ा श्रद्धालुओं का रैला।

400 हलवाइयों ने दो दिन तक तैयार किया भोजन: मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। करीब 400 से अधिक हलवाइयों की टीम पिछले दो दिनों से भोजन तैयार करने में जुटी हुई थी। करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। सुबह भगवान देवनारायण को भोग लगाने के बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी ग्रहण करवाई गई। देर शाम तक करीब डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की।

केकड़ी: झंड़े लेकर देव दरबार पहुंचते पैदल यात्री।

डीजे के साथ पैदल यात्राओं में उमड़ा उत्साह: भगवान देवनारायण के दर्शन के लिए केकड़ी सहित शाहपुरा, भीलवाड़ा, बूंदी, टोंक, अजमेर सहित विभिन्न क्षेत्रों से देवभक्त पहुंचे। आसपास के गांवों से श्रद्धालु डीजे के साथ पैदल यात्रा करते हुए नाचते-गाते और ध्वज-पताका लेकर देवनारायण धाम पहुंचे। दिनभर मेले में श्रद्धालुओं के हाथों में ध्वज नजर आए। एकलसिंहा से 51 ध्वजों के साथ पहुंची पैदल यात्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। रात्रि में भजन संध्या, देर रात तक झूमे श्रद्धालु: मेले से पूर्व बुधवार रात विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें गायक कलाकार राजू रावल, पूरण गुर्जर और हंसराज गुर्जर ने भगवान देवनारायण के एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे।

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