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दहेज के लिए पत्नी को प्रताड़ित करने व पेट्रोल डालकर आग लगाने का मामला, दोषी पति को दस साल की सजा, जुर्माना भी लगाया

केकड़ी, 25 सितंबर (आदित्य न्यूज नेटवर्क): पत्नी पर पेट्रोल डालकर उसे जलाने और दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने के मामले में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-1 केकड़ी जयमाला पानीगर ने आरोपी को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई है। न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 115(2), 118(2), 109(1), 117(2) और 351 के तहत आरोपी को दोषसिद्ध किया। अदालत ने धारा 118(2) और 109(1) में 10-10 वर्ष के साधारण कारावास सहित कुल अलग-अलग सजाएं सुनाई। प्रकरण के तथ्यों के अनुसार घटना 27 जून 2025 की है। अभियोजन के अनुसार प्रियंका खाना बना रही थी, तभी उसके पति घनश्याम रेदास पुत्र सकराम निवासी गोठियाना थाना बोराड़ा ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। घटना में प्रियंका करीब 35 प्रतिशत तक झुलस गई थी। मेडिकल रिपोर्ट में उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर जलने की गंभीर चोटें दर्ज की गई थीं।

प्रस्तुत किए 17 गवाह व 65 दस्तावेज: मामले में पीड़िता के अलावा उसके पिता हरिप्रसाद, मां सीता देवी और पड़ोसी रामरतन सहित कुल 17 गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा 65 दस्तावेज प्रदर्शित किए गए। न्यायालय ने पीड़िता के बयान, उसके मृत्युकालिक कथन, चिकित्सकीय साक्ष्य, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, एफएसएल रिपोर्ट और आरोपी की निशानदेही पर बरामद प्लास्टिक की बोतल सहित अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। एफएसएल रिपोर्ट में ज्वलनशील पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बन के अवशेष कपड़ों, घटनास्थल से लिए गए नमूनों और बरामद प्लास्टिक की बोतल में पाए जाने का उल्लेख है। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहिन्दर कुमार जोशी ने पैरवी करते हुए अभियोजन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषसिद्ध करने का आग्रह किया। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल रहा है।

छह धाराओं में सुनाई सजा: न्यायालय ने माना कि आरोपी ने दहेज की मांग को लेकर पत्नी को प्रताड़ित किया और खाना बनाते समय उस पर पेट्रोल डालकर आग लगाकर गंभीर चोटें पहुंचाईं तथा उसकी हत्या का प्रयास किया। इसके आधार पर आरोपी को दोषसिद्ध करार दिया गया। न्यायालय ने धारा 85 के तहत तीन वर्ष का साधारण कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 115(2) में एक वर्ष का कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 118(2) में 10 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 109(1) में 10 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 117(2) में सात वर्ष का कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड तथा धारा 351 में एक वर्ष का कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।

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