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फायरिंग के आरोपियों की गिरफ्तारी व दोषी पटवारी को हटाने की मांग, एडीएम को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

केकड़ी, 27 मई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): सावर क्षेत्र के रात्या का झोंपड़ा (घटियाली) ग्राम में ग्रामीणों पर हुए जानलेवा हमले एवं भूमि आवंटन से उपजे विवाद व मिलीभगत से रिकॉर्ड में हेरफेर करने के मामले में गुर्जर समाज व पीड़ित परिवारों का आक्रोश भड़क उठा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) चंद्रशेखर भंडारी को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी व पीड़ितों को न्याय दिलाने की पुरजोर मांग की है। कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि बीती 21 मई 2026 को सुबह करीब 11:20 बजे रात्या का झोंपड़ा निवासी रामप्रसाद गुर्जर व उनके परिवार पर करीब 40-50 हथियारबंद लोगों ने फिल्मी अंदाज में गाड़ियों में सवार होकर जानलेवा हमला कर दिया।

पुलिस ने की फौरी कार्रवाई: आरोप है कि हमलावरों ने हवा में व रामप्रसाद के परिजनों पर बंदूक-रिवॉल्वर से गोलियां चलाई तथा तलवारों व लाठियों से हमला किया। इस खूनी संघर्ष में बादामदेवी, लाडा देवी व चकोली गंभीर रूप से घायल हो गई, जिन्हें इलाज के लिए रेफर किया गया। इस संबंध में पुलिस थाना सावर में प्राथमिकी दर्ज है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के 6 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने केवल नाममात्र के लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे संपूर्ण गुर्जर समाज व अड़ोस-पड़ोस के गांवों में भारी रोष है।

केकड़ी: एडीएम कार्यालय के बाहर जमा ग्रामीण।

सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग: ग्रामीणों ने फायरिंग के मुख्य आरोपी मीणों का नयागांव निवासी पर्वतराज मीणा सहित तलवार से जानलेवा हमला करने के आरोपी नरेश मीणा निवासी टिठोड़ा, प्रताप मीणा निवासी बाजटा, मुकेश माली तथा अन्य की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है। गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान रंगलाल गुर्जर, लालाराम गुर्जर, लेखराज गुर्जर, रोहित गुर्जर, किशनलाल गुर्जर, दुर्गालाल गुर्जर, महावीर गुर्जर, मोहन गुर्जर सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

भूमि आवंटन व राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर की जांच की मांग: दूसरे ज्ञापन में वर्ष 2011 में हुए भूमि आवंटन (खसरा नंबर 4523) में पटवारी व तत्कालीन राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े स्तर पर हेरफेर व आपराधिक षड्यंत्र रचने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पीड़ित रामप्रसाद गुर्जर का कहना है कि उन्हें आवंटित करीब 60 बीघा भूमि पर वे शुरुआत से काबिज हैं। लेकिन आरोपी शिवराज मीणा ने तत्कालीन पटवारी कमलेश मीणा व अन्य अधिकारियों से सांठगांठ कर बिना मौका मुआयना किए नक्शा तरमीम करवा लिया व प्रार्थी की जमीन पर अवैध रूप से खातेदारी अधिकार प्राप्त करने का प्रयास किया।

नक्शा तीन दिन में दुरूस्त कराने की मांग: तहसीलदार की वर्ष 2021 की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि मौके पर कब्जे व नक्शा ट्रेस में भारी भिन्नता पाई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी कमलेश मीणा जातिवादी मानसिकता के तहत गुर्जर व मीणा समाज को आपस में लड़वाने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि तीन दिन के भीतर मौके की सही रिपोर्ट तैयार कर नक्शा दुरुस्त किया जाए तथा पटवारी के पिछले 10 वर्षों के कार्यकाल व रिकॉर्ड की जांच कर उसे बर्खास्त किया जाए।

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