केकड़ी, 02 जून (आदित्य न्यूज नेटवर्क): रामसनेही वाटिका में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम व उल्लास के साथ मनाया गया। जैसे ही कथाव्यास पंडित घनानंद महाराज ने कृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया, पूरा पंडाल ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की‘ व ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की‘ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की मनमोहक झांकी सजाई गई, जिस पर श्रद्धालुओं ने जमकर फूलों की वर्षा की। कथा व्यास ने विभिन्न पौराणिक प्रसंगों का अत्यंत मार्मिक व जीवंत वर्णन किया। कथा के विशेष सत्र में कपिल मुनि देवहूति संवाद, ध्रुव चरित्र, राजा बलि प्रसंग, वामन अवतार व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

भगवान लेते है भक्तों की रक्षा के लिए अवतार: महाराज श्री ने बताया कि जब-जब धरती पर अत्याचार व पाप बढ़ता है, तब-तब भगवान भक्तों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। उन्होंने कंस के अत्याचारों व देवकी-वसुदेव के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान केवल भाव के भूखे हैं। जैसे ही कंस के कारागार में आधी रात को प्रभु का प्राकट्य हुआ, भक्तों के कष्ट दूर हो गए। वासुदेव जी द्वारा उफनती यमुना को पार कर बालकृष्ण को गोकुल में नंदबाबा के घर पहुंचाने के प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे।

पंडाल में छाई गोकुल जैसी धूम: कृष्ण जन्म के दिव्य प्रसंग के बाद पंडाल का माहौल गोकुल जैसा हो गया। भगवान के बाल स्वरूप की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मच गई। इस अवसर पर विशेष रूप से खिलौने, टॉफियां व माखन-मिश्री का प्रसाद बांटा गया। महिलाओं ने मंगल गीत गाए व भजनों पर जमकर नृत्य किया। भगवान के बाल स्वरूप की महाआरती उतारकर भक्तों को बधाई बांटी गई।

इन्होंने दी सेवाएं, महिला मंडल ने किया पूजन: इस दिव्य प्रसंग के दौरान मुख्य यजमान सहित ज्ञान प्रकाश दाधीच, दिनेश वैष्णव, प्रेम प्रकाश शर्मा, पुष्पा शर्मा, महेन्द्र पारीक, आयुषी गौड, सविता तोषनीवाल, शंकर माली, आनन्द सोमानी, दशरथ जाट व विष्णु साहू ने अपनी सेवाएं प्रदान की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। चारभुजा महिला मण्डल की सदस्यों द्वारा व्यास पीठ की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। अंत में महाआरती के बाद सभी भक्तों में मुख्य प्रसाद का वितरण किया गया।


