केकड़ी, 04 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): केकड़ी शहर थाना पुलिस ने जलदाय विभाग की शिकायत पर सरकारी पेयजल पाइपलाइन (राइजिंग लाइन) में अवैध कनेक्शन कर पानी चुराने वाली रसूखदार फर्मों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। विभाग की टीम द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने क्षेत्र की 8 प्रमुख ग्रेनाइट व माइनिंग कंपनियों के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व पानी चोरी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी के देवली दौरे के दौरान दिए गए कड़े निर्देशों के बाद अमल में लाई गई है। जलदाय विभाग उपखण्ड देवली के सहायक अभियंता नितिन जैन ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि बघेरा से बीजवाड़ (200 एमएम) व बघेरा से गोपालपुरा (250 एमएम) आ रही मुख्य राइजिंग लाइनों से बड़े पैमाने पर पानी चोरी की शिकायतें मिल रही थी।

बार-बार काटने के बाद भी जोड़ रहे थे कनेक्शन: विभाग ने जब कनिष्ठ अभियंता वीरेंद्र सिंह शक्तावत, हेल्पर रामेश्वर प्रसाद मीणा व संवेदक प्रतिनिधि सोहनलाल की विशेष टीम बनाकर जीपीएस (GPS) कैमरों से मौका निरीक्षण करवाया, तो वहां धड़ल्ले से पानी की चोरी होती पाई गई। जैन के अनुसार इन फर्मों के खिलाफ पहले भी कई बार कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन ये रसूखदार हर बार दोबारा अवैध कनेक्शन जोड़ लेते थे। इससे पूरे क्षेत्र की पेयजल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। पुलिस ने जलदाय विभाग की मौका रिपोर्ट और जीपीएस लोकेशन वाले फोटोग्राफ्स के आधार पर 8 प्रमुख ग्रेनाइट व माइनिंग कंपनियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

इन फर्मों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा: पुलिस उप अधीक्षक हर्षित शर्मा ने बताया कि पुलिस ने श्री श्याम ग्रेनाइट्स माइंस नयागांव, ओमकार ग्रेनाइट माइंस, सी.बी. मिनरल्स बघेरा (ग्रेनाइट माइंस), रत्ना दित्य उर्फ शर्मा माइंस, राधे राधे ग्रेनाइट्स माइंस, महादेव ग्रेनाइट माइंस, मैसर्स इण्डियन ग्रेनाइट श्री बाबा नीम करोली एवं कृष्णा माइनिंग स्टोन बघेरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 324(3) व 3 पीडीपीपी एक्ट (सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस अब इन फर्मों के मालिकों के नाम व पहचान से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही है ताकि उनसे भारी-भरकम पैनल्टी वसूली जा सके। मामले की अग्रिम जांच एएसआई चिम्मनलाल को सौंपी गई है।


