केकड़ी, 28 अप्रैल (आदित्य न्यूज नेटवर्क): साइबर अपराधों की रोकथाम व संदिग्ध बैंक खातों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘म्यूल हन्टर‘ के तहत सरवाड़ थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने साइबर फ्रॉड की राशि प्राप्त करने के लिए प्रयुक्त ‘म्यूल अकाउंट‘ के धारक को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई है। थानाधिकारी रामपाल शर्मा ने बताया कि पुलिस को बैंक ऑफ बड़ौदा के एक संदिग्ध खाता संख्या 34070100018035 में साइबर फ्रॉड की राशि प्राप्त होने की सूचना मिली थी। जांच के दौरान जब खाताधारक बलवीर सिंह दरोगा (22) पुत्र मानसिंह निवासी नयागांव सूंपा को तलब कर बैंक स्टेटमेंट खंगाला गया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मात्र 5 दिनों के भीतर (17 अगस्त से 22 अगस्त 2025 तक) इस खाते में लाखों रुपयों का लेनदेन पाया गया।

इंस्टाग्राम दोस्ती व कमीशन का खेल: समन्वय पोर्टल 1930 पर की गई जांच में इस अकेले खाते के विरुद्ध साइबर ठगी की 6 शिकायतें दर्ज पाई गईं। पोर्टल के अनुसार इस खाते के माध्यम से 2,01,210/- रुपए की फ्रॉड राशि का सीधा संबंध पाया गया, जबकि अन्य व्यक्तियों के साथ हुई धोखाधड़ी को मिलाकर कुल 3,16,328 रुपए का संदिग्ध लेनदेन होना सामने आया है। पूछताछ में आरोपी बलवीर ने बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर बने दोस्त पंकज चौधरी (निवासी कुचामन सिटी) के झांसे में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम व सिम कार्ड उसे दे दिए थे। इसके बदले पंकज उसे कमीशन देता था। आरोपी ने स्वीकार किया कि खाते का पूरा संचालन पंकज ही कर रहा था।

डिजिटल अरेस्ट व डमी मैसेज से करते थे ठगी: जांच में सामने आया कि आरोपी बलवीर व पंकज चौधरी ने मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचा। ये लोग आमजन को डिजिटल अरेस्ट, डमी मैसेज, लॉस कवर व मनी हेल्प जैसे झांसे देकर जाल में फंसाते थे। इसके बाद सर्विस चार्ज, जीएसटी व विड्रॉल चार्ज के नाम पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का उपयोग कर लोगों से ठगी की राशि खाते में मंगवाते थे। पुलिस ने आरोपी बलवीर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मील व पुलिस उप अधीक्षक हर्षित शर्मा के निकटतम सुपरविजन में की गई इस कार्यवाही थानाधिकारी रामपाल शर्मा, एएसआई रामधन, कांस्टेबल दातार सिंह, हरिराम, कमलेश व बाबूदान की अहम भूमिका नही। पुलिस अब मुख्य आरोपी पंकज चौधरी की तलाश करने एवं मामले में आगे के अनुसंधान में जुटी हुई है।

