केकड़ी, 05 जून (आदित्य न्यूज नेटवर्क): तालुका विधिक सेवा समिति द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तालुका केकड़ी के न्यायिक अधिकारीगण द्वारा “एक न्यायाधीश, एक पेड़” की थीम पर न्यायालय परिसर में विभिन्न छायादार पौधे लगाए गए। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या 01 जयमाला पानीगर ने वृक्षारोपण के संदेश को रेखांकित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ता प्रदूषण आज वैश्विक आपातकाल का रूप ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना अब एक विकल्प नहीं बल्कि हम सभी का बुनियादी कर्तव्य है। इसलिए हम सभी को कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए। प्रकृति के समृद्ध होने से ही देश समृद्ध बनेगा।

ई-फाइलिंग से बचेंगे लाखों पेड़: अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 01 आशीष बैंदाड़ा ने विधिक व पर्यावरण के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले ‘जीवन के अधिकार‘ का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक है, जब नागरिकों को स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी और एक प्रदूषण मुक्त स्वस्थ पर्यावरण मिले। उन्होंने एक बेहतरीन सुझाव देते हुए कहा कि न्यायिक बिरादरी के रूप में हम ई-फाइलिंग को बढ़ावा देकर लाखों पेड़ों को कटने से बचा सकते है।

ट्री-गार्ड लगाकर लिया पौधों के संरक्षण का संकल्प: इस पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 02 बीना मीना तथा सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद शारिक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान केवल पौधे ही नहीं लगाए गए, बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड भी लगाए गए। न्यायालय के न्यायिक कर्मचारीगण ने रोपे गए इन सभी पौधों को नियमित रूप से जल देने और उनकी पूर्ण देखभाल करने का संकल्प लिया।


