केकड़ी, 20 सितंबर (आदित्य न्यूज नेटवर्क): नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव से ठीक पहले केकड़ी की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा पार्षद राजेंद्र चौधरी ने कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल पर अपने पक्ष में मतदान के लिए धन का प्रलोभन देने का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी अजमेर को शिकायत दी है। शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराने के साथ चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप में कार्रवाई की मांग की गई है। भाजपा के निर्वाचित 18 पार्षदों एवं विधायक शत्रुघ्न गौतम के साथ पहुंचे राजेंद्र चौधरी ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल द्वारा भारतीय जनता पार्टी के पार्षद को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए धनराशि देने अथवा धन का प्रलोभन देने की पेशकश की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार संबंधित पार्षद ने स्वयं के पक्ष में मतदान करने के लिए उक्त पेशकश का विरोध किया। ज्ञापन में इसे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास बताया गया है।

ऑडियो रिकॉर्डिंग समेत साक्ष्य उपलब्ध: शिकायत में राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि आरोपों के समर्थन में ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित अन्य साक्ष्य एवं दस्तावेज उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्वाचन अधिकारी से इन साक्ष्यों का परीक्षण कराने की मांग की है। शिकायत के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग संलग्न किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। ज्ञापन में भारतीय निर्वाचन प्रक्रिया के मूल सिद्धांतों तथा चुनाव आचार संहिता का हवाला देते हुए कहा गया है कि मतदाता अथवा निर्वाचित प्रतिनिधि को धन, उपहार या अन्य प्रलोभन देकर मतदान प्रभावित करना स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की भावना के विपरीत है। शिकायतकर्ता ने इसे गंभीर मामला बताते हुए तत्काल जांच की मांग की है।

चुनाव स्थगित करने की मांग: पार्षद राजेंद्र चौधरी ने निर्वाचन अधिकारी से मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच, उपलब्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग एवं अन्य साक्ष्यों का परीक्षण तथा आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव नियमों एवं लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यहां तक कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चुनाव स्थगित किया जाए अथवा प्रलोभन के जरिए मतदान प्रभावित करने वाले कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल को अयोग्य घोषित किया जाए। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की अभी निर्वाचन अधिकारी अथवा किसी सक्षम जांच एजेंसी द्वारा पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

21 का आंकड़ा, दो वोटों पर टिका सियासी खेल: केकड़ी नगर पालिका के 40 वार्डों के परिणाम में कांग्रेस को 20, भाजपा को 18 और आरएलपी को 2 सीटें मिली हैं। यानी अध्यक्ष पद के लिए 21 वोट का आंकड़ा निर्णायक है। ऐसे सियासी गणित के बीच एक पार्षद का मत भी अध्यक्ष पद के मुकाबले में महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी पृष्ठभूमि में सामने आई धन के प्रलोभन की शिकायत ने पालिकाध्यक्ष चुनाव को और अधिक गरमा दिया है। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के अनिल मित्तल और भाजपा के विनीत जैन के बीच सीधा मुकाबला तय है तथा चुनाव सोमवार को होना निर्धारित है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निर्वाचन अधिकारी शिकायत में लगाए गए आरोपों और कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग पर क्या कार्रवाई करते हैं।

इनका कहना है: नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और इसमें किसी भी पार्षद को धन का प्रलोभन देकर प्रभावित करने की कोशिश गंभीर विषय है। शिकायतकर्ता द्वारा ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित साक्ष्य दिए गए हैं, निर्वाचन अधिकारी को उसकी निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सत्ता हासिल करने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पार्षदों के मत की खरीद-फरोख्त स्वीकार नहीं की जा सकती। भाजपा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के पक्ष में है। हम किसी भी तरह के दबाव, प्रलोभन या अनैतिक हथकंडे का विरोध करते हैं। कांग्रेस के लोग पैसे के दम पर जनमानस की भावनाओं को खरीदना चाहते है जो किसी सूरत में संभव नहीं है। — शत्रुघ्न गौतम, विधायक, केकड़ी


