केकड़ी, 25 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): सकल जैन समाज केकड़ी के तत्वावधान में रविवार को बघेरा रोड स्थित श्री जिन कुशल सूरी दादाबाड़ी में मुमुक्षु अभिनन्दन समारोह एवं चौबीसी मंगल गीतों का आयोजन किया जाएगा। समारोह में आगामी 4 सितंबर 2026 को जैन आचार्य श्री रामलाल महाराज एवं उपाध्याय श्री राजेश मुनि के पावन सानिध्य में जैन भागवती दीक्षा ग्रहण कर रहे मुमुक्षु शुभम श्रीश्रीमाल ब्यावर-पाली का गोद भराई एवं अन्य सामाजिक रस्मों द्वारा बहुमान किया जाएगा। संघ के जितेन्द्र सिंघवी ने बताया कि इस अवसर पर जैन समाज, श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ सहित मुमुक्षु के निकटवर्ती रिश्तेदार सुरेन्द्र लोढ़ा-पारस देवी, नीरज लोढ़ा-शिल्पा, कमल लोढ़ा-संजू, प्रियम लोढ़ा, आदित्य लोढ़ा, संकल्प लोढ़ा आदि परिवारजन की ओर से मुमुक्षु शुभम श्रीश्रीमाल का सार्वजनिक अभिनन्दन किया जाएगा।

सुख-वैभव छोड़ संयम पथ की ओर: संसार की असारता को समझ ब्यावर हाल पाली निवासी पुष्पा व प्रदीप श्रीश्रीमाल के 30 वर्षीय सुपुत्र शुभम श्रीश्रीमाल आगामी 4 सितंबर 2026 को बीकानेर में जैन आचार्य श्री रामलाल महाराज व उपाध्याय श्री राजेश मुनि के पावन सानिध्य में जैन भागवती दीक्षा ग्रहण करेंगे। 18 सितंबर 1995 को जन्मे शुभम ने पटियाला से इंजीनियरिंग करने के बाद बेंगलुरु की एक प्रतिष्ठित कंपनी में 40 लाख के सालाना पैकेज पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य किया। हालांकि इस कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल के बीच भी उनका मन हमेशा धर्म, साधना व आत्म-कल्याण की राह तलाशता रहा।

शिविर से बदला जीवन का नजरिया: जून 2025 में आचार्य श्री रामलाल महाराज के सानिध्य में आयोजित ‘उन्नयन शिविर‘ के प्रवचनों से प्रेरित होकर शुभम के मन में तीव्र वैराग्य जागृत हुआ। उन्होंने जीवन भर शील व्रत पालन करने का संकल्प लिया और अंततः अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। शुभम के बड़े भाई अंकित श्रीश्रीमाल ने बताया कि शुरुआती असमंजस के बाद शुभम की अटूट श्रद्धा व दृढ़ निश्चय को देखकर परिवार ने सहर्ष दीक्षा की अनुमति दे दी। गत 9 जुलाई 2026 को माता-पिता ने गुरुदेव को दीक्षा का आज्ञा पत्र समर्पित किया। शुभम इसे पूर्व जन्म के संस्कारों व गुरु कृपा का फल मानते हुए संयम पथ पर आगे बढ़ रहे हैं।
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