केकड़ी, 01 अप्रैल (आदित्य न्यूज नेटवर्क): अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम ने जानलेवा हमले व षड्यंत्र रचने के एक पुराने मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए कुख्यात डकैत धनसिंह को दोषमुक्त घोषित कर दिया है। न्यायालय ने बचाव पक्ष के तर्कों से सहमत होते हुए अभियुक्त को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने के आदेश दिए।प्रकरण के तथ्यों के अनुसार प्रार्थी बहादुर सिंह ने 9 जुलाई 2009 को पुलिस थाना भिनाय में रिपोर्ट दर्ज कर बताया गया था कि दो व्यक्तियों ने मोटरसाइकिल से उनके मकान की रेकी की व उसके भाई शेर सिंह के बारे में पूछताछ की। उसी शाम करीब 7:50 बजे दो नकाबपोश व्यक्ति पुनः मोटरसाइकिल पर आए और जान से मारने की नीयत से देशी कट्टे से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। प्रार्थी ने दीवार की ओट लेकर अपनी जान बचाई। हमलावरों ने पास ही दुकान के बाहर खड़े व्यक्तियों व चारपाई पर बैठे अन्य परिजनों पर भी फायर किए थे।

न्यायिक प्रक्रिया व अनुसंधान: पुलिस ने इस मामले में धारा 307 व 120बी भा.द.स. के तहत मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान के बाद धनसिंह, ओमप्रकाश, आनंद, शिवराज व देवेंद्र के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। सत्र न्यायालय में विचारण के दौरान अभियुक्तों ने आरोपों को अस्वीकार कर ट्रायल की मांग की। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को सिद्ध करने के लिए 26 गवाहों के बयान लेखबद्ध करवाए गए तथा 16 दस्तावेजी साक्ष्य प्रदर्शित किए गए। मुलजिम धनसिंह की ओर से एडवोकेट जी.एस. सोढ़ी व आसिफ हुसैन ने पैरवी की। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने न्यायालय के समक्ष विभिन्न विधिक तर्क व तथ्य प्रस्तुत किए। न्यायाधीश ने उभय पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद माना कि अभियुक्त के विरुद्ध आरोप संदेह से परे प्रमाणित नहीं होते। न्यायालय ने बचाव पक्ष के तर्कों को स्वीकार करते हुए धनसिंह को बरी करने का आदेश जारी किया।


