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‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत पुलिस की बड़ी कामयाबी, डिजिटल अरेस्ट व डमी मैसेज से ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार

केकड़ी, 20 जून (आदित्य न्यूज नेटवर्क): सरवाड़ थाना पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) व हॉटस्पॉट पर प्रभावी कार्यवाही के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन म्यूल हंटरके तहत आमजन को डिजिटल अरेस्ट व डमी मैसेज का झांसा देकर लाखों रुपए की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। साइबर थाने से प्राप्त बैंक स्टेटमेंट व संदिग्ध खातों की जांच के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में संदिग्ध लेनदेन की बात सामने आई। जब पुलिस ने सूंपा निवासी खाताधारक बलवीर (22) को तलब कर पूछताछ की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। बलवीर ने बताया कि इंस्टाग्राम पर उसकी दोस्ती कुचामन सिटी निवासी पंकज चौधरी से हुई थी। पंकज ने उसे मोटी रकम व कमीशन का लालच देकर उसकी बैंक पासबुक, एटीएम व सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिए थे। इसी खाते का उपयोग कर साइबर ठगों ने महज पांच दिनों (17 अगस्त से 22 अगस्त 2025) के भीतर लाखों रुपए का अवैध लेनदेन कर डाला।

समन्वय पोर्टल 1930पर दर्ज थीं 6 शिकायतें: पुलिस ने जब राष्ट्रीय साइबर अपराध समन्वय पोर्टल (1930) पर इस म्यूल अकाउंट की जांच की, तो इस खाते के विरुद्ध देश भर से 6 साइबर शिकायतें दर्ज पाई गईं। इन शिकायतों में करीब 2 लाख 1 हजार 210 रुपए की फ्रॉड राशि का सीधा संबंध मिला। इसके अतिरिक्त अन्य अज्ञात लोगों के साथ की गई धोखाधड़ी को मिलाकर इस अकेले खाते से कुल 3 लाख 16 हजार 328 रुपए की साइबर ठगी का अवैध लेनदेन होना पाया गया है। पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि आरोपी पंकज व उसका साथी मिलकर भोले-भाले लोगों को अपना निशाना बनाते थे। ये शातिर अपराधियों की तरह आमजन को डिजिटल अरेस्ट करने, डमी मैसेज भेजने, लॉस कवर करने व मनी हेल्प जैसे झांसे देते थे। इसके बाद सर्विस चार्ज, जीएसटी चार्ज व विड्रॉल चार्ज के नाम पर डरा-धमकाकर इलेक्ट्रॉनिक साधनों के जरिए ऑनलाइन मोटी रकम हड़प लेते थे।

विस्तृत अनुसंधान जारी: पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आपराधिक षड्यंत्र रचने के मुख्य आरोपी पंकज चौधरी (21) पुत्र छोटूराम जाट निवासी भेसरोली पुलिस थाना गच्छीपुरा जिला डीडवाना-कुचामन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में अजमेर सेन्ट्रल जेल भेज दिया गया। मामले में लिप्त अन्य कड़ियों व नेटवर्क को लेकर पुलिस का विस्तृत अनुसंधान जारी है। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला व उषा यादव के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मील व पुलिस उप अधीक्षक हर्षित शर्मा के निकटतम सुपरविजन में की गई इस कार्रवाई में थानाधिकारी रामपाल शर्मा, एएसआई कजोड़मल, कांस्टेबल हरिराम व कमलेश ने अहम भूमिका निभाई है।

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