केकड़ी, 17 जून (आदित्य न्यूज नेटवर्क): राष्ट्र गौरव, स्वाभिमान व शौर्य के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर बुधवार को भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजपूत समाज सहित विभिन्न समाजों के गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। समारोह का शुभारंभ महाराणा प्रताप सर्किल पर उनकी भव्य मूर्ति पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद मुख्य कार्यक्रम में मंचासीन सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत-सत्कार किया गया।

ये रहे अतिथि: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक शत्रुघ्न गौतम, भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. मिथिलेश गौतम, जय राजपूताना संघ के अध्यक्ष भंवर सिंह रेटा, राष्ट्रीय खो-खो संघ के उपाध्यक्ष भंवर सिंह पलाड़ा, पूर्व प्रधान होनहार सिंह सापण्दा, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह शक्तावत, राजपूत बोर्डिंग हाउस संस्थान के अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह सावर, सरवाड़ राजपूत सभा अध्यक्ष नारायण सिंह राठौड़, जिला अध्यक्ष महेन्द्र सिंह ढोस, श्री क्षत्रिय सभा संस्थान के अध्यक्ष अंबिका चरण सिंह, क्षत्रिय समाज विकास संस्थान के अध्यक्ष गोपाल सिंह कादेड़ा व राव आनंद सिंह जूनिया मंचासीन रहे।

समाज सुधार पर जोर: सभा के दौरान श्रवण सिंह बगड़ी ने कहा कि भारतीय इतिहास में राजस्थान का इतिहास सर्वोपरि है व महाराणा प्रताप केवल राजस्थान या देश में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में पूजनीय हैं। विधायक शत्रुघ्न गौतम ने समाज के युवाओं से शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। डॉ. मिथिलेश गौतम ने कहा कि भारतीय इतिहास को तत्कालीन समय में तोड़-मरोड़ कर लिखा गया था। वर्तमान सरकार द्वारा ऐतिहासिक तथ्यों की सही जानकारी भावी पीढ़ी तक पहुंचाई जानी चाहिए। भंवर सिंह रेटा ने जय राजपूताना संघ के सामाजिक कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि संघ द्वारा वर्तमान में 1100 राजपूत महिलाओं को विधवा पेंशन दी जा रही है। भंवर सिंह पलाड़ा ने क्षत्रिय समाज से अपने गौरवशाली इतिहास से सीख लेते हुए वर्तमान समय के अनुसार आगे बढ़ने का आह्वान किया।

काव्य प्रस्तुति ने बांधा समां: मीडिया प्रभारी रविन्द्र सिंह पिपलाज ने बताया कि कार्यक्रम में राष्ट्रीय कवि उमेश उत्साही ने महाराणा प्रताप के शौर्य पर बेहद सुंदर व वीर रस से ओतप्रोत काव्य प्रस्तुति दी, जिससे पूरा पाण्डाल राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। इस अवसर पर समाज की विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह का संचालन बहादुर सिंह पिपलाज ने किया व अंत में भूपेन्द्र सिंह शक्तावत ने सभी का आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजपूत समाज व अन्य समाजों के प्रबुद्ध नागरिक व मातृशक्ति उपस्थित रही।


