केकड़ी, 28 मार्च (आदित्य न्यूज नेटवर्क): केकड़ी को जिला विहीन किए जाने के निर्णय के विरुद्ध अधिवक्ताओं का आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा है। जिला विहीन किए जाने की मासिक तिथि पर शुक्रवार को स्थानीय अधिवक्ताओं ने ‘ब्लैक डे‘ (काला दिवस) मनाकर राज्य सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने उपखंड प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर केकड़ी को दोबारा जिला घोषित करने की पुरजोर मांग की। मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि केकड़ी को जिला विहीन करना सरकार का एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस फैसले से क्षेत्र के विकास व प्रशासनिक सुगमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

लगातार जारी है विरोध प्रदर्शन: ज्ञापन में बताया कि जिला बार एसोसिएशन इस निर्णय के खिलाफ लगातार धरना-प्रदर्शन और आंदोलन कर रही है। अधिवक्ताओं ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से जारी विरोध के बावजूद अब तक सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है, जिससे क्षेत्र के प्रबुद्ध वर्ग व आमजन में असंतोष व्याप्त है। ‘ब्लैक डे‘ के दौरान विरोध प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपने वालों में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चेतन धाभाई, वरिष्ठ अधिवक्ता सलीम गौरी, भेरू सिंह राठौड़, उपाध्यक्ष द्वारका प्रसाद पंचोली, महासचिव समकित जैन, कोषाध्यक्ष रवि पंवार, वित्त सचिव फरीद खान, धर्मेंद्र मेघवंशी, सचिन राव, विजेंद्र पाराशर, रामेश्वर कुमावत, अनिल शर्मा व लेंसी झंवर सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।


