Homeराजनीतिकेकड़ी नगर पालिका अध्यक्ष पद पर सीधा मुकाबला तय, कांग्रेस के अनिल...

केकड़ी नगर पालिका अध्यक्ष पद पर सीधा मुकाबला तय, कांग्रेस के अनिल मित्तल व भाजपा के विनीत जैन आमने-सामने; आरएलपी के समर्थन पर टिका जीत का गणित

केकड़ी, 18 सितंबर (आदित्य न्यूज नेटवर्क): केकड़ी नगर पालिका के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर शुक्रवार को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई। अध्यक्ष पद के लिए अब कांग्रेस के अनिल मित्तल व भाजपा के विनीत जैन के बीच सीधा मुकाबला होगा। नाम वापसी की समय सीमा में निर्दलीय प्रत्याशी इंदिरा मित्तल और अरविंद कांसोटिया ने अपने नामांकन वापस ले लिए। इसके साथ ही अध्यक्ष पद की चुनावी जंग कांग्रेस और भाजपा के बीच सिमट गई है। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन विभाग ने अध्यक्ष पद के चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी कर दी है। साथ ही प्रत्याशियों को चुनाव प्रतीकों का आवंटन भी कर दिया गया है। अब दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी अध्यक्ष पद के लिए आमने-सामने हैं।

कांग्रेस के 20, भाजपा के 18 और आरएलपी के 2 पार्षद: 40 वार्डों वाली केकड़ी नगर पालिका में कांग्रेस के 20, भाजपा के 18 और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के 2 पार्षद निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में अध्यक्ष पद के चुनाव में आरएलपी के दोनों पार्षदों की भूमिका अहम मानी जा रही है। अध्यक्ष पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 21 है। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा दोनों की नजर आरएलपी के दो पार्षदों के रुख पर टिकी हुई है। वहीं अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर आरएलपी ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। पार्टी की ओर से अपने सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के आदेश के अनुसार निर्णय लेने की बात कही गई है। ऐसे में मतदान से पहले आरएलपी का आधिकारिक रुख सामने आना बाकी है।

कयासों का दौर जारी: नामांकन के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल के साथ आरएलपी पार्षद राजेन्द्र चौधरी की मौजूदगी को राजनीतिक हलकों में महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आरएलपी अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन कर सकती है। हालांकि आरएलपी की ओर से समर्थन को लेकर अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। यदि आरएलपी के दोनों पार्षद कांग्रेस का समर्थन करते हैं तो कांग्रेस के 20 पार्षदों के साथ यह संख्या 22 तक पहुंच सकती है। वहीं भाजपा के पास 18 पार्षद हैं। ऐसे में आरएलपी के दोनों पार्षदों का रुख अध्यक्ष पद के चुनाव के समीकरण में महत्वपूर्ण हो सकता है। अंतिम तस्वीर मतदान के दौरान ही स्पष्ट होगी।

21 सितंबर को होगा मतदान: निर्वाचक पंजीयन एवं उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई ने बताया कि नाम वापसी का निर्धारित समय समाप्त होने के साथ ही अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। प्रत्याशियों को चुनाव प्रतीकों का आवंटन भी कर दिया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होते ही मतगणना शुरू की जाएगी और परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। अध्यक्ष पद का मुकाबला सीधे तौर पर कांग्रेस व भाजपा के बीच होने के बाद अब सभी की नजरें आरएलपी के दो पार्षदों के रुख और मतदान के दिन बनने वाले अंतिम राजनीतिक समीकरण पर टिकी हैं।

RELATED ARTICLES