केकड़ी, 04 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): राष्ट्र संत गणाचार्य विराग सागर महाराज का समाधि दिवस शनिवार को बोहरा कॉलोनी स्थित श्री नेमिनाथ मंदिर में श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम बालाचार्य निपुण नंदी महाराज ससंघ व मुनि प्रज्ञान सागर महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में आयोजित हुआ। इस दौरान सकल दिगंबर जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं ने संगीतमय स्वर लहरियों के बीच आचार्य श्री की भक्ति की। पंडित निकेत शास्त्री के निर्देशन में अष्ट द्रव्यों से विशेष पूजा-अर्चना कर भावपूर्ण विनयांजलि अर्पित की गई। मीडिया प्रभारी रमेश बंसल ने बताया कि सुबह के सत्र में दोनों मुनि ससंघ के सान्निध्य में जिनाभिषेक, शांतिधारा व जिनेंद्र अर्चना संपन्न हुई।

भाग्यवान ही कर सकता है भक्ति: धर्मसभा को संबोधित करते हुए बालाचार्य श्री निपुण नंदी महाराज ने कहा कि संकल्प ही मनुष्य के जीवन को श्रेष्ठ बनाता है। धर्म के प्रति हमेशा अपने वचनों पर दृढ़ रहना चाहिए। उन्होंने सीख दी कि अनजाने में भी यदि कभी जीव हिंसा हो जाए, तो उसके प्रति प्रायश्चित अवश्य करना चाहिए। मुनि प्रज्ञान सागर महाराज ने अपने मंगल उपदेश में कहा कि जीवन में जन्म व मरण का समय निश्चित नहीं है। इसलिए हमेशा प्राणी मात्र के प्रति दया, वात्सल्य व प्रेम का भाव बनाए रखना चाहिए। मनुष्य को धार्मिक कार्यों में सदैव आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि भाग्यवान व्यक्ति ही भक्त बनता है और वही सच्ची भक्ति कर सकता है।

ये रहे पुण्यार्जक: कार्यक्रम के दौरान श्रीजी के स्वर्ण कलश एवं बालाचार्य निपुण नंदी महाराज के पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य भागचंद, ज्ञानचंद, सुनील कुमार धूंधरी परिवार ने प्राप्त किया। जिनेंद्र देव की शांतिधारा करने का पुण्यार्जन भागचंद, ज्ञानचंद, जैनकुमार व विनय भगत सावर परिवार को मिला। मुनि प्रज्ञान सागर महाराज का पाद प्रक्षालन कैलाश चंद व प्रकाश चंद परिवार द्वारा किया गया। आचार्यश्री के चित्र का अनावरण व दीप प्रज्वलन पवन कुमार, पारस कुमार व अमित कुमार जैन रोपां परिवार ने किया। इसके साथ ही श्रावक श्रेष्ठी जनों ने समस्त मुनिराजों को शास्त्र आदि भेंट किए। शाम के सत्र में महाआरती, भक्ति, शास्त्र स्वाध्याय, प्रवचन व आनंद यात्रा के साथ अन्य धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए।


