केकड़ी, 18 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय में विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के सहयोग से आयोजित सात दिवसीय निःशुल्क पंचकर्म एवं क्षारसूत्र चिकित्सा शिविर में शनिवार को पांचवें दिन 123 मरीजों ने उपचार एवं विशेषज्ञ परामर्श का लाभ लिया, जबकि 18 मरीजों का गहन पंचकर्म चिकित्सा पद्धति से उपचार किया गया। उपचार के बाद मरीजों ने जोड़ों, कमर एवं गर्दन दर्द सहित विभिन्न पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं में राहत मिलने की बात कही। विश्व हिंदू परिषद सरवाड़ शाखा के प्रखंड अध्यक्ष कन्हैयालाल, अजमेर जिला सेवा प्रमुख शंभू सिंह, प्रखंड मंत्री सुरेश धारू एवं प्रखंड सह प्रभारी प्रभात कीर ने शिविर का निरीक्षण कर चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों की सेवाओं की सराहना की। वहीं जोधपुर यूनिवर्सिटी की निरीक्षण टीम ने भी उपचार की गुणवत्ता, अनुशासित व्यवस्था और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता की प्रशंसा की।

विभिन्न पद्धतियों से किया जा रहा है उपचार: शिविर में रोगियों को उनकी बीमारी एवं शारीरिक प्रकृति के अनुसार स्नेहन, स्वेदन, जानुबस्ती, कटिबस्ती, ग्रीवाबस्ती, पृष्ठबस्ती, मात्राबस्ती तथा कपिंग थेरेपी जैसी पंचकर्म चिकित्सा पद्धतियों से उपचार दिया जा रहा है। वहीं शल्य विभाग में भगंदर, कील-मुंहासे सहित अन्य रोगों का क्षारसूत्र एवं अग्निकर्म विधि से उपचार किया जा रहा है। शिविर में डॉ. रंजना जैन, डॉ. धर्मचंद नापित, डॉ. अजय फुलवारिया, डॉ. कमलेश कुमार गुर्जर, डॉ. अनित कुमार, डॉ. चम्पालाल सोलंकी, डॉ. जगदीश प्रसाद, डॉ. शिवराम जाट एवं डॉ. लोकेश धाकड़ सेवाएं दे रहे हैं। उपचार व्यवस्था में नर्सिंग अधीक्षक मनमोहन आछेरा, कम्पाउंडर राजकुमार लौहार, सीमा सेन, मनोज कुमार टेलर एवं मुकेश नागर ने अहम भूमिका निभाई।

शिविर संचालन में निभाई अहम भूमिका: शिविर संचालन में हीराचंद खूंटेटा, काशीराम विजय, रामावतार चौधरी, एडवोकेट मुकेश शर्मा, राजेंद्र फतेहपुरिया, ओमप्रकाश सोनी, शैतान तारावत, सीटू साहू, मदन चौधरी, ज्ञानदेव शर्मा, हनुमान सोनी एवं संजय कुमावत सहित विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का सक्रिय सहयोग रहा। विश्व हिंदू परिषद के अजमेर जिला उपाध्यक्ष हीराचंद खूंटेटा ने बताया कि शिविर का उद्देश्य आमजन को निःशुल्क एवं प्रभावी आयुर्वेदिक चिकित्सा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि शिविर का समापन 20 जुलाई को होगा।


