केकड़ी, 23 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-1 आशीष बैंदाड़ा ने 17 वर्ष पुराने चेक अनादरण के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 2 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी को परिवादी को 70 हजार रुपये प्रतिकर राशि अदा करने के आदेश भी दिए हैं। प्रकरण के अनुसार परिवादी सुरेश आचार्य पुत्र शिवनारायण आचार्य ने अधिवक्ता मनोज आहूजा के माध्यम से परिवाद पेश कर बताया था कि वर्ष 2009 में सहारा इंडिया में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी देवली निवासी बिरदा सिंह पुत्र मंगल सिंह ने उससे 35 हजार रुपए उधार लिए थे। भुगतान के लिए आरोपी द्वारा दिया गया बैंक चेक “स्टॉप पेमेंट” के कारण बाउंस हो गया।

परिवादी पक्ष ने की दमदार पैरवी: विधिक नोटिस देने के बाद भी राशि न लौटाने पर मामला अदालत पहुंचा था। सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने क्षेत्राधिकार व लिपिकीय त्रुटियों का हवाला देकर बचाव का प्रयास किया। इस पर परिवादी पक्ष के अधिवक्ता मनोज आहूजा, भैरूसिंह राठौड़, रवि शर्मा, अभिनव जोशी व भावेश जैन ने सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालयों की नजीरों का हवाला देकर दमदार पैरवी की। न्यायालय ने साक्ष्यों व तर्कों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए 2 साल के साधारण कारावास एवं 70 हजार रुपए जुर्माने से दंडित करने के आदेश दिए है।


