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श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव: गोवर्धन पूजा से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश, छप्पन व्यंजनों का लगाया महाभोग

केकड़ी, 03 जून (आदित्य न्यूज नेटवर्क): सूरजपोल गेट के पास स्थित रामस्नेही वाटिका में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन गिरिराज पूजन व छप्पन भोग उत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा व्यास पंडित घनानंद महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं व गोवर्धन पूजा के प्रसंग का सजीव वर्णन किया, जिसे सुनकर पाण्डाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। कथा व्यास पंडित घनानंद महाराज ने कहा कि जब देवराज इंद्र को अपनी शक्तियों का अहंकार हो गया, तब भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को प्रकृति की महत्ता समझाते हुए गोवर्धन पर्वत की पूजा करने की प्रेरणा दी। इससे नाराज होकर इंद्र ने ब्रज में मूसलाधार बारिश की, तब भगवान ने अपनी कनिष्ठ उंगली पर गिरिराज पर्वत को उठाकर पूरे ब्रज की रक्षा की व इंद्र का मान-मर्दन किया।

भक्तों ने की गिरिराज परिक्रमा: कथा के दौरान वाटिका में गोवर्धन पर्वत की भव्य झांकी सजाई गई। श्रद्धालुओं ने गिरिराज महाराज की परिक्रमा की व दूध तथा जल से अभिषेक किया। भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग लगाया गया। आरती के बाद सभी भक्तों को छप्पन भोग का प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान रामद्वारा महिला सखी मंडल के सदस्यों द्वारा व्यास पीठ का विधिवत पूजन कर पंडित घनानंद महाराज का सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुख्य यजमान अशोक पारीक, आदित्य पारीक, गिरिराज पारीक व सीमा शर्मा ने मुख्य आरती की। कथा के दौरान आनंद सोमानी, भगवान शाक्य, श्यामसुंदर विजय, निरंजन तोषनीवाल व शंकर माली सहित कई कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया।

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