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मुकुट सप्तमी पर्व: ‘कमठ का उपसर्ग’ नाटिका से दिया क्षमा व संयम का संदेश, सांस्कृतिक संध्या में जीवंत हुआ पार्श्वनाथ प्रभु का जीवन

केकड़ी, 20 अगस्त (आदित्य न्यूज नेटवर्क): आर्यिका सुरम्यमति माताजी के पावन सानिध्य में बोहरा कॉलोनी स्थित नेमिनाथ मंदिर में मुकुट सप्तमी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास व धार्मिक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर समाज की अनेक बेटियों ने माताजी से आशीर्वाद प्राप्त कर त्याग व संयम का मार्ग अपनाते हुए उपवास का नियम ग्रहण किया। संध्याकालीन सत्र में समाज की महिलाओं द्वारा कमठ का उपसर्ग (बैर पर क्षमा की विजय)विषय पर आधारित सांस्कृतिक नाटिका का भावपूर्ण मंचन किया गया।

10 भव का किया वर्णन: नाटिका में जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के 10 भवों का वर्णन करते हुए विशेष रूप से उनके दसवें भव के वृत्तांत को मंचित किया गया। इस दौरान भगवान पार्श्वनाथ के केवलज्ञान व मोक्ष कल्याणक दिवस के प्रसंगों का सुंदर चित्रण किया गया। नाटिका के सफल मंचन व अभिनय में उपवास रखने वाले बालक-बालिकाओं का भी सराहनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम में माताजी के संघस्थ ब्रह्मचारिणी कनक दीदी का विशेष मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त हुआ। मंच संचालन विद्या जैन ने किया।

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