केकड़ी, 28 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): राजस्थान सरकार द्वारा 28 दिसम्बर 2024 को केकड़ी का जिला दर्जा समाप्त किए जाने के विरोध में बार एसोसिएशन केकड़ी का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को उपाध्यक्ष द्वारका प्रसाद पंचोली के नेतृत्व में न्यायालय परिसर में पंडित दीन दयाल शर्मा के आचार्यत्व में विधि-विधान के साथ सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ के माध्यम से प्रदेश सरकार से केकड़ी को पुनः जिला घोषित करने की मांग की गई। यज्ञ की पूर्णाहुति के उपरांत अधिवक्ताओं ने देश के प्रधानमंत्री एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन उपखंड अधिकारी को सौंपा। बार एसोसिएशन ने संकल्प दोहराया कि जब तक केकड़ी को पुनः जिला नहीं बनाया जाता, तब तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। इसके तहत प्रतिदिन न्यायालय परिसर में सांकेतिक धरना दिया जा रहा है तथा प्रत्येक माह की 28 तारीख को “ब्लैक डे” मनाकर सरकार के समक्ष विरोध दर्ज कराया जाता है।

ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें व समस्याएं: ज्ञापन में बताया गया कि केकड़ी को जिला बनाए जाने के बाद यहां अनेक महत्वपूर्ण प्रशासनिक व न्यायिक कार्यालय स्थापित हुए थे, जिससे क्षेत्र के लाखों लोगों को सुलभ व त्वरित सुविधाएं मिलने लगी थीं। जिला दर्जा समाप्त होने के बाद से आमजन को पुनः प्रशासनिक कार्यों, न्यायिक प्रक्रिया, चिकित्सा व अन्य सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से अजमेर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे क्षेत्रीय जनता के समय, धन व श्रम की भारी हानि हो रही है। बार एसोसिएशन ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि केकड़ी भौगोलिक परिस्थिति, प्रशासनिक सुलभता व जनसंख्या की दृष्टि से जिला बनने की सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी करता है। अतः जनहित व क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार तत्काल केकड़ी को पुनः जिला घोषित करे।

ये रहे उपस्थित: इस अवसर पर बार सचिव समकित जैन, कोषाध्यक्ष रविशंकर पंवार, पूर्व अध्यक्ष भंवर सिंह राठौड़, सलीम गौरी, हेमंत जैन, नवल किशोर पारीक, मनोज आहूजा, पवन सिंह भाटी, परवेज नकवी, सूर्यकान्त दाधीच, राम अवतार मीणा, शिव प्रताप सिंह राठौड़, सानिया सैन, रोड़ूमल सोलंकी, धर्मेंद्र सिंह राठौड़, योगेंद्र सिंह, इमदाद अली, लक्ष्मीचंद मीणा, अनिल शर्मा, प्रहलाद वर्मा, सुनील जैन, विजेंद्र पाराशर, भारती पोपटानी, अमित बसेर, राघव पालीवाल, भैरू सिंह राठौड़, राजू जाट, आदित्य भान सिंह, फरीद खान सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में “केकड़ी का जिला दर्जा बहाल करो” के गूंजते नारों के बीच अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, तब तक यह लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण आंदोलन पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।


