केकड़ी, 19 जुलाई (आदित्य न्यूज नेटवर्क): मां की बीमारी व लकवे का बहाना बनाकर मालिक की बोलेरो कार मांग कर ले जाने व बाद में उसे किसी अन्य व्यक्ति के पास गिरवी रखकर खुर्द-बुर्द करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर थाना पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आरोपी चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिताकी विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामनगर कॉलोनी निवासी बलवान सिंह राजपूत ने कोर्ट में इस्तगासा दायर कर बताया कि वे ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते है तथा भीलवाड़ा जिले के माण्डल तहसील अंतर्गत मोडा जी का खेड़ा निवासी बद्रीलाल गुर्जर पेशे से ड्राइवर है। परिचित होने के कारण वह बलवान सिंह के पास ही ड्राइवरी का काम करता था।

क्या है मामला: बीती 17 मई 2026 को आरोपी बद्रीलाल गुर्जर, बलवान सिंह के पास आया व रोते हुए कहा कि उसकी मां लकवाग्रस्त है और उनकी तबीयत अचानक बहुत ज्यादा खराब हो गई है। उन्हें इलाज के लिए तुरंत गांव व अस्पताल ले जाना है, जिसके लिए गाड़ी की सख्त जरूरत है। आरोपी की बातों पर विश्वास करते हुए बलवान सिंह ने अपनी महिन्द्रा बोलेरो कार उसे सौंप दी। गाड़ी ले जाने के कई दिनों बाद भी जब बद्रीलाल वापस नहीं लौटा, तो पीड़ित ने उसके मोबाइल पर संपर्क किया। उस दौरान आरोपी ने मां की बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि ठीक होते ही वह कार लौटा देगा। 24 मई को जब परिवादी ने दोबारा अपनी कार मांगी, तो आरोपी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

पुलिस ने शुरू की जांच: बार-बार की टालमटोल से परेशान होकर जब पीड़ित ने मामले की छानबीन की, तो उसे पता चला कि आरोपी ड्राइवर ने उसकी गाड़ी किसी अन्य व्यक्ति के पास गिरवी रख दी है। 27 मई को जब बलवान सिंह ने फोन कर इस बारे में कड़ा रुख अपनाया, तो आरोपी बद्रीलाल ने साफ कह दिया, मैंने तेरी कार हड़पने के लिए ही ली थी व उसे रकम की एवज में किसी और के पास गिरवी रख दी है। अब तू कार का सपना छोड़ दे, तुझे जो करना है कर ले। इस्तगासे पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने शहर थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए, जिस पर पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एएसआई संपतराज मीणा के जिम्मे की गई है।


